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गैंगस्टर गिरफ्तार: उदयपुर कोटा का कुख्यात बदमाश हुआ गिरफ्तार, जिसे 13 साल पहले गोलियों से भूनकर कर दी थी हत्या

गैंगस्टर शिवराज सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर भीलवाड़ा बिजोलिया में पुलिस हिरासत के दौरान गैंगस्टर भानु प्रताप सिंह की हत्या कर दी थी

गैंगस्टर गिरफ्तार: उदयपुर कोटा का कुख्यात बदमाश हुआ गिरफ्तार, जिसे 13 साल पहले गोलियों से भूनकर कर दी थी हत्या

कोटा. कोटा शहर पुलिस ने भानु गैंग के हार्डकोर अपराधी सुमेर सिंह राजावत (49) को गिरफ्तार किया है। राजावत पर कुख्यात बदमाश लाला बैरागी, केस के गवाह बृजराज सिंह समेत तीन लोगों की हत्या का आरोप है। कोटा (हाड़ौती) व उदयपुर (मेवाड़) रेंज के टॉप-10 वांटेड अपराधियों में शामिल सुमेर 13 साल से फरार चल रहा था।

उस पर उदयपुर पुलिस ने 10 हजार व कोटा पुलिस ने 5 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। सुमेर पर कोटा, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर के विभिन्न थानों में 28 मामले दर्ज हैं। उधोग नगर पुलिस व DST की टीम ने सुमेर सिंह को शनिवार को जयपुर से दबोचा है। एडिशनल SP प्रवीण जैन ने इसका खुलासा रविवार को किया।

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जयपुर में नाम बदलकर रह रहा था:

कुछ सालों से सुमेर सिंह ने जयपुर को अपना ठिकाना बना रखा था। उसने अपना नाम व पहचान भी आसपास के लोगों से छुपा रखी थी। वो जयपुर में गोनेर के पास दांतली गांव में खेतों के पास स्थित घर में महेंद्र सिंह बनकर रह रहा था। यहां के लोगों को उसने बताया था कि वह UP के इटावा का रहने वाला है।

सुमेर सिंह घर से कम ही बाहर निकलता था। कुछ ही लोगों से संपर्क में था। उनसे भी अपनी पहचान छुपा रखी थी। इस दौरान पुलिस की टीम ने ट्रेस कर सुमेर को गिरफ्तार किया।

गैंगस्टर को सरेआम गोलियों से भूना था:

साल 2007-08 के आसपास हाड़ौती के कुख्यात गैंगस्टर भानु प्रताप सिंह का गिरोह दो गुटों में बट गया था। एक गुट भानु प्रताप का था। इसमें सुमेर भी शामिल था। दूसरा गुट लाला बैरागी का था। वर्चस्व की लड़ाई में भानु प्रताप ने अपने साथी के साथ 12 दिसंबर 2008 को गैंगस्टर लाला बैरागी पर हमला किया था।

उद्योग नगर क्षेत्र के राजनगर तिराहे पर लाला बैरागी को सरेआम गोलियों से भूनकर व तलवार से काट कर हत्या कर दी थी। 40 से ज्यादा फायर हुए थे।

गवाहों को उतारा था मौत के घाट:

इस केस के गवाह बृजराज सिंह उर्फ बबलू और जितेंद्र सिंह उर्फ पिंटू की 12 मई 2009 को मेनाल, जिला चित्तौड़गढ़ के पास भानु प्रताप ने साथियों के साथ हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में लगभग 100 से ज्यादा फायर किए गए थे। इन दोनों बड़ी घटनाओं से हाड़ौती सहित राजस्थान के कई हिस्सों में गैंग का वर्चस्व बढ़ गया था। इन दोनों घटनाओं में सुमेर सिंह राजावत शामिल था।

हत्या का बदला:

गवाह बृजराज सिंह के भाई शिवराज सिंह ने लाल बैरागी गैंग को संभाला। साथ ही, भानु प्रताप की हत्या कर बदला लिया। 19 अप्रैल 2011 को गैंगस्टर शिवराज सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर भीलवाड़ा बिजोलिया में पुलिस हिरासत के दौरान गैंगस्टर भानु प्रताप सिंह की हत्या कर दी थी।

उसके बाद सुमेर सिंह ही भानु प्रताप की गैंग को ऑपरेट कर रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए सुमेर सिंह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस की धरपकड़ से घबराकर सुमेर सिंह राजस्थान से बाहर फरारी काटने लग गया था। उसने अपने सभी रिश्तेदारों और दोस्तों से संपर्क खत्म कर लिया था। फरारी के दौरान सुमेर सिंह, सिलवासा,अहमदाबाद, देहरादून व दिल्ली में रहा।

ये रहे टीम में शामिल पुलिस की टीम में DST से CI नीरज गुप्ता, कांस्टेबल विजेंद्र सिंह, शौकत, इमरान, उद्योग नगर से CI मनोज सिंह सिकरवार, कांस्टेबल सुरेंद्र, विजेंद्र, छत्रसाल, थाना रेलवे कॉलोनी से CI मुनीन्द्र सिंह, कांस्टेबल करतार, नमो नारायण, धर्मेंद्र सिंह, साइबर सेल सहायक उपनिरीक्षक प्रताप सिंह कांस्टेबल इंद्र सिंह, अशोक सिंह व मदनलाल शामिल रहे।

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer