बाड़मेरराजस्थान

कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामला: राजस्व मंत्री हरीश चौधरी जिस निष्पक्ष न्यायिक जांच की दुहाई दे रहे थे, वो जांच बाड़मेर एसडीएम कर रहे

कमलेश प्रजापत एनकाउंटर की न्यायिक जांच शुरू जो गयी है। उन्होंने कहा की इस जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामला

बाड़मेर. कमलेश प्रजापत के एनकाउंटर के बाद सीसीटीवी वीडियो वायरल होने के बाद सीबीआई जांच की मांग उठ के पर 27 अप्रेल को राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने प्रेस वार्ता कर कहा था कि एनकाउंटर के मामले में न्यायिक जांच सबसे बड़ी जांच है। कमलेश प्रजापत एनकाउंटर की न्यायिक जांच शुरू जो गयी है। उन्होंने कहा की इस जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। पत्रकारों ने जब न्यायिक मजिस्ट्रेट का नाम पूछा तो राजस्व मंत्री हरिश चौधरी ने जांच करने वाले मजिस्ट्रेट का नाम बताने से मना कर दिया था।

यह भी पढ़े, बीकानेर में मिला डेल्टा प्लस वैरिएंट का पहला केस, गहलोत सरकार अलर्ट मोड़ पर, मंत्रियों को दिए यह आदेश

जबकि 23 अप्रेल को ही तत्कालीन जिला कलेक्टर मोहनदान रतनू ने बाड़मेर एसडीएम रोहित चौहान को न्यायिक जांच सौंप दी थी। उच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील धीरेंद्र सिंह दासपा के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार एनकाउंटर की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट या रिटायर्ड जज द्वारा करवाई जानी थी लेकिन राजस्व मंत्री हरीश चौधरी का नाम फर्जी एनकाउंटर करवाने वाले के रूप में मीडिया में आया है।

एसडीएम राजस्व मंत्री के अधीन है, इसलिए निष्पक्ष जांच होना सम्भव नही है। यह जांच एनकाउंटर पर लीपापोती करने के लिए एसडीएम को नियम विरुद्ध सौंपी गई है। आगामी 9 जुलाई को उच्च न्यायालय में कमलेश प्रजापत एनकाउंटर की जांच सीबीआई को सौंपने की सुनवाई है, तब यह मामला भी माननीय न्यायालय के संज्ञान में लाया जाएगा।

तत्कालीन जिला कलेक्टर मोहनदास रतनू के अनुसार 23 अप्रेल को बाड़मेर पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने पत्र लिखकर अवगत करवाया था कि कमलेश पुत्र आसुराम की मृत्यु पुलिस बल द्वारा अपनी आत्मरक्षा में किये गए फायर से हुई है।
ऐसी अवस्था मे मृतक कमलेश की मृत्यु की जांच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की गाइड लाइन के अनुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट से करवाने की मांग की थी।
उसकी जांच करने के लिए रोहित चौहान उपखण्ड मजिस्ट्रेट बाड़मेर को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।

जांच अधिकारी रोहित चौहान के मुताबिक बाड़मेर जिला कलेक्टर ने कमलेश प्रजापत एनकाउंटर की राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की गाइड लाइन के अनुसार न्यायिक जांच मुझे सौंपी है, जांच जारी है।

उच्च न्यायालय के अधिवक्ता गुलाबसिंह भाटी का कहना है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की गाइड लाइन के अनुसार एनकाउंटर की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट से करवानी अनिवार्य है।अगर किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट से करवाई जा रही है तो नियमानुसार गलत है और दोषियो को क्लीनचिट देने की दुर्भावना से राजनीति दबाव में करवाना प्रतीत होता है।

 

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker