राजस्थान

पायलट कैंप के 15 उम्मीदवारों ने दिल्ली में डाला डेरा, गहलोत की बढ़ी परेशानियां

पायलट और गहलोत की लड़ाई राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के ठीक बाद से शुरू हो गए थे। कुछ समय की खामोशी के बाद कैबिनेट विस्तार और नियुक्तियों को लेकर जारी सियासी घमासान फिर शुरू हो गया है। 

पायलट कैंप के 15 उम्मीदवारों ने दिल्ली में डाला डेरा, गहलोत की बढ़ी परेशानियां

राजस्थान. देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस इन दिनों कई राज्यों में अंदरूनी झगड़ों का सामना कर रही है। कांग्रेस पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह बनाम नवजोत सिंह सिद्दू, कर्नाटक में सिद्धरमैया बनाम डीके शिवकुमार और राजस्थान में अशोक गहलोत बनाम सचिन पयालट की लड़ाई को सुलझाने में व्यस्त है। पायलट और गहलोत की लड़ाई राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के ठीक बाद से शुरू हो गए थे। कुछ समय की खामोशी के बाद कैबिनेट विस्तार और नियुक्तियों को लेकर जारी सियासी घमासान फिर शुरू हो गया है। 2018 में विधानसभा चुनाव हारने वाले कांग्रेस उम्मीदवार और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट के समर्थक पार्टी नेतृत्व से मिलने के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।

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कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर हार चुके पार्टी के कई नेता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं. इस संबंध में सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखने के बाद के ये नेता अब दिल्ली में डेरा जमाकर बैठ गए हैं. निर्दलीय विधायकों से नाराज 19 कांग्रेसी नेता अब आलाकमान से आर-पार की बात करने के मूड में हैं।

ये सभी नेता पिछले 2 दिन से लगातार एआईसीसी महासचिव और प्रदेश प्रभारी अजय माकन से मिलने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन उन्हें अभी तक मिलने का वक्त नहीं मिला है. दिल्ली पहुंचे कांग्रेस नेताओं में शाहपुरा से चुनाव लड़ चुके मनीष यादव, खंडेला के सुभाष मील और बस्सी के दौलत सिंह शामिल हैं. मनीष यादव का कहना है कि निर्दलीयों के सरकार को समर्थन देने का स्वागत हमने भी किया था, लेकिन निर्दलीय सत्ता में क्या शामिल हुए उन्हें पूरा कांग्रेस संगठन ही सौंप दिया गया है. उन्होंने कहा कि अब सभी कांग्रेसी अजय माकन से मिलकर निर्दलीय विधायकों को कांग्रेस नेताओं के मुकाबले दी जा रही तवज्जो के बारे में अपनी शिकायत रखेंगे।

कांग्रेस कमजोर हो रही है:

मनीष यादव ने कहा कि निर्दलीयों को ज्यादा तवज्जो देने से कांग्रेस के उन कार्यकर्ताओं के लिए मुश्किल स्थिति पैदा हो गई है जिन्होंने खून पसीने से पार्टी को सींचकर कर सत्ता में पहुंचाया है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उन्हीं निर्दलीय विधायकों के आगे छोटे-मोटे कामों के लिए भी गुहार लगानी पड़ती है, जिन्होंने पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ा था. ऐसा करने से पूरे प्रदेश में कांग्रेस कमजोर हो रही है और हम यह नहीं होने देंगे.

निर्दलीयों ने मचाई खुली लूट:

खंडेला से कांग्रेस प्रत्याशी रहे सुभाष मील ने कहा कि सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों ने खुली लूट मचा रखी है और जनता त्राहि-त्राहि कर रही है. सरकार को समर्थन देने का सभी निर्दलीय अपने-अपने क्षेत्रों में भरपूर फायदा उठा रहे हैं. हमने इस बारे में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अवगत कराया था, लेकिन कांग्रेस के मूल कार्यकर्ताओं को अभी तक सत्ता और संगठन में वह मुकाम हासिल नहीं हो सका है जिसके वे हकदार हैं.

अजय माकन ने नहीं दिया मिलने का समय:

कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ चुके पूर्व प्रत्याशी और कांग्रेस नेता अजय माकन से पिछले 2 दिन से दिल्ली में रहकर मिलने का समय मांग रहे हैं. दो बार समय देने के बाद मुलाकात निरस्त कर दी गई. लेकिन कांग्रेस नेताओं ने साफ ऐलान कर दिया है कि वे अजय माकन से मुलाकात किए बिना वापस नहीं लौटेंगे।

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

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