पालीराजस्थान

पाली के गाँव में कुँए में गिरे नरेंद्र को निकालने में जुटी रेस्क्यू टीम, 17 वें दिन भी कोशिश रही जारी

पाली जिले के सोजत रोड थाना क्षेत्र के बोरनाडी गांव में 180 फीट गहरे कुएं में डूबे नरेंद्र को ढूंढने के लिए शुरू किया गया रेस्क्यू अभियान गुरुवार को 17वें दिन भी जारी रहा...

पाली के गाँव में कुँए में गिरे नरेंद्र को निकालने में जुटी रेस्क्यू टीम, 17 वें दिन भी कोशिश रही जारी

पाली. पाली जिले के सोजत रोड थाना क्षेत्र के बोरनाडी गांव में 180 फीट गहरे कुएं में डूबे नरेंद्र को ढूंढने के लिए शुरू किया गया रेस्क्यू अभियान गुरुवार को 17वें दिन भी जारी रहा. रेस्क्यू अभियान की प्रगति को देखने के लिए पाली पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत गुरुवार सवेरे जल्दी बोरनाडी गांव पहुंचे. रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली।

कुएं में लगातार पानी की आवक के चलते रेस्क्यू अभियान में कठिनाई आ रही है. जिसको लेकर प्रशासन की ओर तीन बड़ी मोटरों द्वारा पानी को निकालने का प्रयास किया जा रहा है. सेना के मेजर मनीष व पुलिस उपाधीक्षक हेमन्त जाखड़ के नेतृत्व में पिछले 17 दिनों से रेस्क्यू अभियान चल रहा है. लेकिन कभी मिट्ठी ढहने व कभी कुएं में पानी की आवक बढ़ने से रेस्क्यू करने में परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है.

यह भी पढ़े, मणिपुर में कांप उठी धरती, उखरूल में भूकम्प की 4.5 तीव्रता दर्ज की गई

पुलिस अधीक्षक से हौसला अफजाई की फिर भी रेस्क्यू टीम लगातार नरेंद्र को निकालने को लेकर प्रयास कर रही है. अगर रेस्क्यू टीम की माने तो अगले दो दिनों में सब कुछ सही रहा तो नरेंद्र को कुएं से बाहर निकाला जा सकता है. वहीं पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत ने टीम का उत्साह देखकर विपरीत परिस्थितियों में रात दिन जुटी टीम की प्रशंसा कर उसका हौसला बढ़ाया.

बारिश के कारण रेस्क्यू तेज करने के निर्देश:

मौसम विभाग के अनुसार 10 जुलाई को जिले में मानसून दस्तक दे सकता है. ऐसे में बरसात होने पर रेसक्यू काफी प्रभावित होगा. कुएं व उसके आसपास बरसाती पानी भरने से को रेस्क्यू बंद करना पड़ सकता है. इसको देखते हुए प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी अलर्ट मोड पर है. अधिकारियों ने रेस्क्यू टीम की हौसला अफजाई करते हुए रेस्क्यू की गति तेज करने की बात कही. जिससे मानसून आने से पहले नरेंद्र को कुएं से बाहर निकाला जा सके।

21 जून की बताई जा रही है घटना:

स्थानीय सुखराम से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 21 जून की है। यहां नरेंद्र तकरीबन 180 फीट गहरे कुएं में उतरा था। वह घटना के समय 40 फुट की गहराई पर काम कर रहा था, तभी कुएं के भीतर रेत के कटाव से कुएं का एक हिस्सा गिर गया और वह उस मलबे में दब गया। कुएं में दो मजदूर थे, लेकिन नरेंद्र के ज्यादा नीचे चले जाने और मलबे में दबने के कारण उसे खोजना मुश्किल हो गया। इसके साथ ही बीते तीन दिनों में सेना के जवानों द्वारा भी विशेष रेस्क्यू किया गया था, जिसमें कुएं के समानांतर खुदाई भी की गई थी लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।

दो दिन में रेस्क्यू खत्म होने की उम्मीद:

सीओ हेमंत जाखड़ ने बताया कि बुधवार रात को भी रेस्क्यू जारी रहा. कुएं में काफी हद तक मलबा व बजरी निकाली जा चुकी है. सब कुछ ठीक रहा तो गुरुवार रात को रेस्क्यू जारी रखने की नौबत नहीं आएगी. गौरतलब है कि 22 जून को बोरनाडी गांव में कुएं की मरम्मत के दौरान अचानक मिट्टी ढह जाने की वजह से 2 श्रमिक कुएं के अंदर गिर गए थे, जिसमें एक श्रमिक के हाथ में पाइप लग जाने की वजह से बच गया वहीं दूसरा श्रमिक 180 फीट गहरे कुएं में जा गिरा. उसके ऊपर मिट्टी गिरने से वह कुएं में ही दब गया था।

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker