जयपुरराजस्थान

माकन के रीट्वीट ने मचाई सियासी हलचल, गहलोत-अमरिंदर पर हमला

माकन ने जिस ट्वीट को रीट्वीट किया, उसमें लिखा था कि किसी भी राज्य में कोई क्षत्रप अपने दम पर नहीं जीतता है। गांधी नेहरू परिवार के नाम पर ही गरीब, कमजोर वर्ग, आम आदमी का वोट मिलता है।

माकन के रीट्वीट ने मचाई सियासी हलचल, गहलोत-अमरिंदर पर हमला

जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अमरिंदर सिंह पर निशाना साधने वाले एक ट्वीट को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन के रीट्वीट करने के बाद प्रदेश कांग्रेस में सियासी हलचल एकाएक तेज हो गई है। माकन ने जिस ट्वीट को रीट्वीट किया, उसमें लिखा था कि किसी भी राज्य में कोई क्षत्रप अपने दम पर नहीं जीतता है। गांधी नेहरू परिवार के नाम पर ही गरीब, कमजोर वर्ग, आम आदमी का वोट मिलता है। चाहे वह अमरिंदर सिंह हो या गहलोत, पहले शीला या कोई और मुख्यमंत्री बनते ही यह समझ लेते हैं कि उनकी वजह से ही पार्टी जीती। उधर, माकन के इस रीट्वीट के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नवजोत सिंह सिद्धू को बधाई देने के साथ अमरिंदर सिंह का बचाव किया है और कहा कि कांग्रेस की परम्परा रही है कि हर निर्णय से पहले सभी से राय-मशविरा होता है। सभी को अपनी बात रखने का मौका मिलता है। सबकी राय को ध्यान में रखकर जब एक बार पार्टी हाईकमान फैसला ले लेता है तब सभी कांग्रेसजन एकजुट होकर उसे स्वीकार करने की परम्परा को निभाते हैं। यही कांग्रेस की आज भी सबसे बड़ी ताकत है। गहलोत के इस बयान को सियासी हलकों में माकन के रीट्वीट के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। इससे यह भी साफ हो गया है कि गहलोत-माकन के बीच भी सबकुछ ठीक नहीं है।

यह भी पढ़े, सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को लिया आड़े हाथ, बकरीद को लेकर पांबन्दियों में दी छूट

अशोक गहलोत का ट्वीट:

कांग्रेस की परंपरा रही है कि हर निर्णय से पहले सभी से राय-मशविरा होता है। सभी को अपनी बात कहने का मौका मिलता है। सबकी राय को ध्यान में रखकर जब एक बार पार्टी हाईकमान फैसला ले लेता है, तब सभी कांग्रेसजन एकजुट होकर उसे स्वीकार करने की परंपरा निभाते हैं। यही कांग्रेस की आज भी सबसे बड़ी ताकत है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर मीडिया के सामने पिछले सप्ताह ही घोषणा कर दी थी कि वह कांग्रेस अध्यक्ष के हर फैसले को स्वीकार करेंगे। सोनिया गांधी ने नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने की घोषणा कर दी है। उम्मीद है वह कांग्रेस पार्टी की परंपरा का निर्वहन भी करेंगे और सभी को साथ लेकर पार्टी की रीति-नीति को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे।

पंजाब के बाद अब राजस्थान की बारी:

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू की आपसी खींचतान की तरह ही राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच है। यह सभी जानते हैं। यही वजह है कि पंजाब में खींचतान के बीच नवजोत सिंह सिद्धू को अध्यक्ष बनाए जाने से समाधान हो गया है। उसी तरह अब राजस्थान में गहलोत-पायलट के बीच सालभर से चल रही खींचतान को खत्म करने के लिए आलाकमान सुलह का रास्ता खोजेगा। बताया जा रहा है कि आलाकमान की ओर से भी पंजाब का मामल निपटने के बाद राजस्थान में सुलह कराए जाने की बात कही गई थी। लेकिन पंजाब की सुलह के साथ ही अजय माकन के रीट्वीट से राजस्थान कांग्रेस में सियासी हलचल तेज हो गई है और इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। राजस्थान में गहलोत-पायलट खेमों के बीच मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों के साथ ही संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर ११ माह से खींचतान चल रही है।

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker