राजस्थान

सरकारी स्कूल की यूनिफॉर्म का बदलेगा रंग, जानिए क्या है वजह

सरकारी स्कूलों में बच्चों की यूनिफॉर्म के रंग में बदलाव करने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि जल्द ही 80 लाख सरकारी स्कूली बच्चों की ड्रेस बदली जाएगी। वहीं ये ड्रेस सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को राज्य सरकार निशुल्क देगी।

सरकारी स्कूल की यूनिफॉर्म का बदलेगा रंग, जानिए क्या है वजह

राजस्थान. राजस्थान में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के यूनिफॉर्म का रंग फिर से बदला जा सकता है। चार साल पहले पूर्ववर्ती बीजेपी राज के दौरान स्कूली छात्रों के पोशाक का रंग बदला गया था। वहीं अब चार साल के भीतर एक बार फिर सरकारी स्कूलों में बच्चों की यूनिफॉर्म के रंग में बदलाव करने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि जल्द ही 80 लाख सरकारी स्कूली बच्चों की ड्रेस बदली जाएगी। वहीं ये ड्रेस सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को राज्य सरकार निशुल्क देगी। मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने हाल ही इसे मंजूरी दी है। बता दें अभी यूनिफॉर्म में कत्थई रंग की पेंट और शर्ट भूरे रंग की है।

कमेटी तय करेगी रंग:
बता दें कि शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार को पत्रकारों के सवाल के जवाब में इसका खुलासा किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म का कलर चेंज हो सकता है। विद्यार्थियों को निशुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने पर डोटासरा ने कहा कि यह कमेटी का निर्णय होगा विद्यार्थियों को पोशाक का खर्च डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए दिया जाये या फिर पोशाक के रूप में। वहीं स्कूल ड्रेस का रंग को लेकर उन्होंने कहा कि ये कमेटी तय करेगी कि नई यूनिफॉर्म का रंग कैसा हो।

यह भी पढ़े, उमर गौतम खुद हिन्दू से बना था मुस्लिम, हिन्दू धर्म में जातीय भेदभाव से आहत

पिछले साल थी तैयारी लेकिन कोरोना के कारण अटका था प्रस्ताव:
जानकारों की माने तो गहलोत सरकार ने पिछले साल ही सरकारी स्कूलों की ड्रेस बदलने पर विचार कर लिया था। और इसके लिए कमेटी बना दी थी, लेकिन कोरोना के कारण यह प्रस्ताव अटक गया था। हालांकि सरकार की ओर से स्कूल ड्रेस में बदलाव को काफी समय से मंथन चल रहा था। जानकारों का कहना है कि दरअसल 2017 में बीजेपी शासन में हुए स्कूल ड्रेस में बदलाव को लेकर कांग्रेस ने विरोध जताया। बीजेपी शासन में 20 साल बाद ड्रेस के रंग में बदलाव आया था। इस दौरान कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया था कि ड्रेस कोड के जरिए बीजेपी भगवाकरण को प्रमोट किया जा रहा है।

बीजेपी ने भी किया था स्कूल ड्रेस का विरोध:

उल्लेखनीय है कि गहलोत सरकार के आने के बाद लगातार सरकारी स्कूलों के ड्रेस कोड में बदलाव को लेकर चर्चाएं थी। लेकिन पिछले साल बीजेपी ने स्कूल ड्रेस बदलने के प्रस्ताव का यह कहकर विरोध किया था कि इससे अभिभावकों की जेब पर अनावश्यक भार पड़ेगा। लिहाजा इस बार सरकार सभी सरकारी स्कूलों के बच्चें को मुफ्त ड्रेस देने का ऐलान किया है, जिससे अभिभावकों की जेब पर कोई असर नहीं होगा।

जानिए राजस्थान में कब- कब हुआ ड्रेस कोड में बदलाव:
आपको बता दें कि राजस्थान में 1996 से लेकर 1997 , 1996 से 1997 के बाद में बदलाव हुआ। इसके बाद 20 सालों तक कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। इसके बाद साल 2017-2018 में यूनिफॉर्म का रंग बदला गया। वहीं अब 2021 -22 के नए सत्र में यूनिफॉर्म के रंग में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

अभी नहीं खुलेंगे स्कूल:
बता दें कि जहां शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने स्कूल ड्रेस के बदलाव की जानकारी दी। वहीं स्कूल खुलने के संबंध में भी मीडिया के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अभी स्कूल खोलने की कोई चर्चा नहीं है, क्योंकि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते। बच्चे सुरक्षित हैं यह पुख्ता होने के बाद ही स्कूल खोले जाने पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कोरोना काल में ऑनलाइन क्लासेज के जरिए ही नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker