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कृष्ण भक्त भगवान विष्णु के 8वें अवतार के प्रकटोत्सव में झूम उठे, लड्डू गोपाल के जन्मते ही मंदिरों में दिव्य के अद्भुत दर्शन

मंदिरों के गर्भ गृह में आधी रात भगवान श्री क़ृष्ण का जन्म हुआ। छोटी काशी जयपुर से लेकर राजस्थान के प्रत्येक नगर की गलियां जैसे मथुरा नगरी बन गईं। कृष्ण

कृष्ण भक्त भगवान विष्णु के 8वें अवतार के प्रकटोत्सव में झूम उठे, लड्डू गोपाल के जन्मते ही मंदिरों में दिव्य के अद्भुत दर्शन

द्वापर में जन्मे भगवान विष्णु के 8वें अवतार भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण दिवस है। राज्यभर के मंदिरों में श्रीकृष्ण के जन्म के दिव्य दर्शन से पहले अनूठी परंपराओं को निभाया जा रहा है। ऐसे दर्शन, जिसके लिए घर-घर, मंदिर-मंदिर तैयारी की जाती है। कई दिन पहले से यह शुरू हो जाती है।

राजधानी जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर से लेकर चित्तौड़गढ़ जिले में सांवलिया सेठ मंदिर तक, मदनमोहन जी के मंदिर से नाथद्वारा के श्रीनाथ जी मंदिर और प्रदेश के हर छोटे-बडे़ मंदिर सोमवार को श्रीकृष्ण की लीला में डूबे हैं। करोड़ों भक्त उनकी भक्ति में मोहित हो उठे हैं।

संपूर्ण आध्यात्मिक वातावरण के बीच मंदिरों के गर्भ गृह में आधी रात भगवान श्री क़ृष्ण का जन्म हुआ। छोटी काशी जयपुर से लेकर राजस्थान के प्रत्येक नगर की गलियां जैसे मथुरा नगरी बन गईं। कृष्ण भक्त भगवान विष्णु के 8वें अवतार के प्रकटोत्सव में झूम उठे। द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। यही कल्पना आज कलयुग में जैसे साकार हो उठी थी।

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भगवान लड्‌डूगोपाल के जन्म की जन्माष्टमी का यह मनोरम दृश्य भक्तों को अभिभूत कर उठा। मंदिर-मंदिर, घर-घर सुबह से चल रही तैयारियां श्रीकृष्ण के प्रकट होने के उल्लास में कई गुना हो चुकी थीं जो रात ठीक 12 बजे मनोहारी दृश्य के रूप में सामने आईं।

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राजधानी जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर से लेकर चित्तौड़गढ़ जिले में सांवलिया सेठ मंदिर तक, स्वामिनारायण मंदिर से नाथद्वारा के श्रीनाथ जी मंदिर और प्रदेश के हर छोटे-बडे़ मंदिर आज श्रीकृष्ण की लीला में डूबे हैं। करोड़ों भक्त उनकी भक्ति में मोहित हो उठे हैं। गोविंद देवजी मंदिर में जन्म के साथ ही ठाकुरजी का पंचामृत से अभिषेक किया गया। ऐसा ही अभिषेक सभी मंदिरों में लड्‌डूगोपाल जी का किया गया।

राजधानी के गोविंद देवजी मंदिर, मदनमोहन मंदिर सहित कई मंदिरों में कोरोना के कारण भक्तों का प्रवेश वर्जित रखा गया है, लेकिन ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्थ यथावत है। जबकि वैशाली नगर स्थित स्वामीनारायण मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। यहां स्वामीनारायण भगवान का अभिषेक भी निरंतर भक्तों की ओर से किया जा रहा है।

चित्तौड़गढ़ के सांवरिया जी में सांवलिया सेठ के मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अनूठे अंदाज में सजाया गया है। मंदिर में गुब्बारे और फूलों की रंगोली तथा बंधनवार से खूबसूरत स्वरूप दिया गया है।श्रीकृष्ण जन्म के लिए मावा का केक भी बनाया गया और उसी से भोग भी लगाया गया है।

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer