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60 लाख के गबन के आरोपियों को बचाने में लगे सीईओ मोहन दान रतनू, 295 दिन से एफआईआर के आदेश पर कुंडली मार बैठे

सबसे बड़ा सवाल: खंड विकास अधिकारी के एफआईआर दर्ज करवाने के लिए मार्गदर्शन मांगने के पत्र का सीईओ मोहन दान रतनू (Mohan Dan Ratnu RAS) 295 दिन बाद भी जवाब क्यो नही दे रहे ?

बाड़मेर के महावीर नगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक में 2 नवम्बर 2020 को सिंगोड़िया ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी प्रेमसुख चौधरी, सरपंच व बैंक मैनेजर ने मिलीभगत कर फ्रिज एकाउंट से 5953732 रुपए का फर्जी तरीके से ब्लैक लिस्टेड फर्म के खाते में कर दिया।

जब यह मामला मीडिया में आया तो आनन फानन में सीईओ मोहनदान (Mohan Dan Ratnu) ने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए वीडियो को निलंबित कर बायतू खण्ड विकास अधिकारी को एफआईआर दर्ज करवाने का आदेश दिया। लेकिन बीडीओ ने एफआईआर दर्ज करवाने की बजाय जिला परिषद का कार्यक्षेत्र बता कर सीईओ को पत्र लिख कर एफआईआर दर्ज करवाने के लिए मार्गदर्शन मांग लिया।

इस बीच वीडीओ ने सीईओ मोहनदान रतनू से मिल कर 60 लाख के फर्जी भुगतान का पूरा घटनाक्रम बता दिया कि अगर पुलिस में एफआईआर दर्ज हो गई तो जांच की आंच आपकी कुर्सी तक आएगी। तब से जिला परिषद बाड़मेर के सीईओ मोहन दान रतनू बायतू खण्ड विकास अधिकारी अमित चौधरी में पत्र पर कुंडली मार कर बैठे है।

निलम्बित वीडीओ प्रेमसुख चौधरी को बिना जांच सीईओ मोहन दान रतनू ने किया बहाल

सीईओ मोहनदान रतनू ने 60 लाख के गबन के मुख्य आरोपी सिंगोड़िया ग्राम पंचायत के तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी प्रेमसुख चौधरी पर एफआईआर दर्ज करने की बजाय विभागीय जांच को लंबित रख कर बहाल कर दिया। सूत्रों के अनुसार प्रेमसुख को सीईओ बहाल नही करते तो इस 60 लाख के गबन की सच्चाई बाहर आ जाती, जिसकी जांच मोहन दान तक भी पहुंचती। इस गबन की आंच से बचने के लिए वीडीओ को बहाल कर दिया।

यह था मामला..

सिंगोड़िया में स्वजलधारा योजना के तहत वर्ष 2005 से 2008 तक सात जलप्रदाय योजनाएं स्वीकृत की गई थी। इसमें जलप्रदाय योजना गोमतेश्वर, डेडवाली, हरखाली, चेनाणियों की ढाणी, रेवाली, सिंगोड़िया व नई रेवाली शामिल है। फर्म ने काम अधूरा ही छोड़ दिया। इस वजह से पंचायत ने भुगतान रोक दिया। 23 दिसंबर 2015 में जिला परिषद ने स्वजलधारा योजना की राशि पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में जमा करवाने से पहले शर्त रखी थी कि योजनाएं संचालित होने के बाद जिला परिषद के माध्यम से रिपोर्ट मिलने के बाद ही फर्म को भुगतान किया जाए। जिला कलेक्टर ने भी 26 अक्टूबर 2020 को योजनाएं संचालित होने के बाद ही फर्म को भुगतान के निर्देश दिए थे।
बावजूद इसके 2 नवंबर 2020 को पंजाब नेशनल बैंक शाखा महावीर नगर बाड़मेर के मैनेजर ने आपराधिक षडयंत्र से बिना सक्षम स्तर की अनुमति के सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी की मिलीभगत से 59 लाख 53 हजार 732 रुपए का भुगतान फर्म को कर दिया।

इनका कहना है…

सीईओ साहब ने एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिए थे। लेकिन मामला जिला परिषद स्तर का है तो मैं कैसे एफआईआर दर्ज करवा सकता हूँ। इसको लेकर मैंने सीईओ से मार्गदर्शन मांगा है। लेकिन उसका अभी तक कोई जवाब नही मिला है। निलम्बित ग्राम विकास अधिकारी प्रेमसुख को सीईओ साहब ने बहाल कर दिया है, साथ ही उसको सिंगोड़िया ग्राम पंचायत से बाहर लगाने के आदेश दिए है।

अमित चौधरी
खंड विकास अधिकारी, पंचायत समिति बायतू

Sabal Singh Bhati

Sabal Singh Bhati is the Chief Editor at Niharika Times. He tweets @sabalbhati Views are personal.