राजस्थान

POP पर बनी मूर्तियों पर बेन लगे होने के बाद भी बिक रही मूर्तियां, प्रशासन दिखा रही लापरवाही

POP से बनी गणेश जी की प्रतिमाओ का तेजी से निर्माण हो रहा है। जिलेभर में 50 कारीगरों ने पीओपी से बनी गणेश जी की 5 हजार प्रतिमाएं बनाई है।

POP पर बनी मूर्तियों पर बेन लगे होने के बाद भी बिक रही मूर्तियां, प्रशासन दिखा रही लापरवाही

जयपुर. NGT की रोक के बावजूद जिलेभर में POP से बनी गणेश जी की प्रतिमाओ का तेजी से निर्माण हो रहा है। जिलेभर में 50 कारीगरों ने पीओपी से बनी गणेश जी की 5 हजार प्रतिमाएं बनाई है।
सड़क किनारे गणेश जी की मूर्तियों को बेचने के लिए पांडाल भी सज गए है। लेकिन प्रशासन इसे अनदेखा कर रहा है।

कांकरोली के भीलवाड़ा रोड, जिला परिवहन कार्यालय के पास, नाथद्वारा में बायपास घाटे पर, गुंजोल सहित कई जगहों पर पर मूर्तियां बनकर तैयार है।

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पीओपी की मूर्तियां बनाने पर प्रतिबंध लगे होने के बाद भी प्रशासन इन कारीगरों के खिलाफ कोई सख्ती नही दिखा रहे जिस के कारण POP से बनी मूर्तियां धड़ल्ले से एडवांस बुकिंग की जा रही है।

क्या है POP से बनी मूर्तियों से नुकसान:

इस तरह की POP से बनी मूर्तियों से प्रदूषण को काफी नुकसान होता है। इसी के साथ पर्यावरण इससे प्रभावित होता है तथा जीव जंतुओं के लिए भी यह हानिकारक रहता है। क्योंकि POP में केमिकल होता है जो कि काफी खतरनाक साबित होता है।

विसर्जन के बाद लंबे समय पीओपी से बनी मूर्तियां पानी मे घुल नही पाती है। इन पर चढ़ा रंग से पानी जहरीला हो जाता है। इस तरह के पानी से तरह तरह की बीमारियां होती है।

प्रशासन नहीं कर रहा कार्रवाई:

पीओपी की प्रतिमा बनाने और बेचने पर रोक के बाद भी स्थानीय प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है। खुलेआम सड़क किनारे सजे पीओपी की मूर्तियों के पंडाल स्थानीय प्रशासन की लापरवाही दिखा रहे हैं। हर साल एनजीटी सहित उच्च अदालतें इस मामले में पर्यावरण के नुकसान को लेकर चेतावनी जारी करती है। कोर्ट ने पीओपी की मूर्तियां बनाने पर रोक भी लगा रखी है। लेकिन प्रशासन की अनदेखी के चलते कार्रवाई नहीं हो रही है।

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer