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jodhpur violence: जोधपुर में कैसे और क्यों हुई हिंसक झड़प? करौली हिंसा से सिख क्यों नहीं ली गहलोत सरकार ने?

सबलसिंह भाटी. जोधपुर। राजस्थान का ऐतिहासिक शहर जोधपुर भी करौली हिंसा के बाद अब सांप्रदायिक हिंसा (jodhpur violence) की चपेट में आ गया है। इस घटना में कई पुलिसकर्मी और मीडिया कर्मी घायल हो गए। घटना के बाद से जोधपुर में तनाव की स्थिति है। इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है, चपे-चपे पर पुलिस तैनात है, लेकिन अहम सवाल यह है कि करौली हिंसा से सिख क्यों नहीं ली गहलोत सरकार ने? अब लोग यह जानना चाहते हैं कि इसके पीछे किसका हाथ है।

बालमुकंद बिस्सा के चौराहे पर भगवा ध्वज हटाया (jodhpur violence)

दरअसल, जोधपुर में हर साल की तरह इन दिनों भी तीन दिवसीय परशुराम जयंती महोत्सव चल रहा है। परंशुराम जयंती की कड़ी में लोग जोधपुर के जालौरी गेट चौराहे पर स्वर्गीय बालमुकंद बिस्सा के चौराहे पर भगवा ध्वज फहराए हुए थे, जिसको लेकर प्रशासन ने ब्राह्मण समाज से अनुरोध कर सोमवार को दोपहर में भगवा ध्वज उतरवा लिए थे। इसके बावजूद रात होते-होते मुसलमान समुदाय के लोगों ने स्वतंत्रता सेनानी के प्रतिमा पर चढ़कर ध्वजा लगाकर उनके चेहरे को टेप से ढक दिया था।

बालमुकंद बिस्सा के चौराहे पर भगवा ध्वज हटाया (jodhpur violence)
बालमुकंद बिस्सा के चौराहे पर भगवा ध्वज हटाया (jodhpur violence)

हिंदू संगठनों के लोगों को पूरी तरह से पीटा (jodhpur violence)

मुसलमान समुदाय के लोगों की इस हरकत के बाद स्वर्गीय स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा के रिश्तेदार और अन्य लोगों ने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से इस्लामिक ध्वज उतारने को कहा। तभी मुसलमान समुदाय के लोगों ने हिंदू संगठनों के लोगों पर हमला बोल दिया। हिंदू संगठनों के लोगों को पूरी तरह से पीटा। हमले से बचने के लिए हिंदू संगठनों के लोग पास स्थित पुलिस चौकी में पहुंचे लेकिन अल्पसंख्यकों की भीड़ ने पुलिस चौकी में भी तोड़फोड़ कर दी और हिंदू संगठनों के लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी।

हिंदू संगठनों के लोगों को पूरी तरह से पीटा (jodhpur violence)
हिंदू संगठनों के लोगों को पूरी तरह से पीटा (jodhpur violence)

भीड़ के आगे बेबस नजर आई पुलिस (jodhpur violence)

घटना के दौरान जालौरी गेट पर जोधपुर पुलिस मौके पर मौजूद रही, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि पुलिस उनके आगे बेबस नजर आई। बाद में कंट्रोल रूम से अतिरिक्त पुलिस बल और दोनों डीसीपी मौके पर पहुंचे। लेकिन, तब तक पूरे शहर में यह खबर आग की तरह फैल गई थी कि जालौरी गेट चौराहे पर हिंदू-मुस्लिम का दंगा हो चुका है और दोनों ही पक्षों के लोग जालौरी गेट पहुंचने शुरू हो गए। उपद्रव के बाद प्रशासन ने जोधपुर के उदयमंदिर, नागोरी गेट, सदर कोतवाली, सदर बाजार, सुरसागर, सरदारपुरा, खांडाफलसा, प्रतापनगर, देवनगर और प्रतापनगर सदर 10 इलाकों में बुधवार तक के लिए कर्फ्यू लगा दिया है। वहीं, सोमवार रात से ही इंटरनेट पर रोक लगा दी गई है।

भीड़ ने किया भाजपा विधायक के घर के आगे हंगामा (jodhpur violence)

आज यानि मंगलवार सुबह उपद्रवियों ने जालोरी गेट के पास ही स्थित सूरसागर विधानसभा से भाजपा विधायक सूर्यकांता व्यास के घर के बाहर भी हंगामा किया। यहां दंगाइयों ने एक बाइक भी फूंक दी। विधायक के घर के बाहर माहौल बिगड़ता देख डीसीपी वेस्ट भुवन भूषण यादव यहां पहुंचे और उपद्रवियों को यहां से खदेड़ा। पूरे क्षेत्र को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया है।

मुख्यमंत्री गहलोत ने बुलाई उच्च स्तरीय मीटिंग (jodhpur violence)

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को हुई अपने गृह जिले में हिंसक झड़प से उपजे विवाद के बाद हुनडु ओर मुस्लिम पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। लेकिन मंगलवार सुबह भी भीड़ इक्कथ हुई और पत्थरबाजी भी हुई उसके बाद मुख्यमंत्री ने जयपुर में उच्च अधिकारियों की हाई लेवल मीटिंग की। इस मीटिंग में जोधपुर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ सुभाष गर्ग और राजस्थान के गृह राज्य मंत्री राजेन्द्र यादव को तुरंत हेलिकाप्टर से जोधपुर रवाना होने के लिए कहा गया। उनके साथ एसीएस होम अभय कुमार और एडीजी लॉ एंड ऑडर्र हवासिंह घुमारिया को भी भेजा गया है।

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