राजस्थान

Maharana Pratap Jayanti 2021: मेवाड़ की शान वीर महाराणा प्रताप की जयंती के इस खास अवसर पर जाने उनसे जुड़ी कुछ खास बातें

Maharana Pratap: महाराणा प्रताप, मेवाड़ के 13वें राजपूत राजा थे। उनका जन्म मेवाड़ के सिसोदिया राजपूत परिवार में, 09 मई 1540 को हुआ था।

Maharana Pratap Jayanti 2021:

राजस्थान: आज 13 जून भारत के वीर पुत्र महाराणा प्रताप के जयंती के अवसर पर हैं आपको उनके जीवनकाल से जुड़ी कुछ ऐसी रोचक बाते बतायेंगे जिसे जानने की हर भारतवासी के मन में चाहत रहती है।

भारतीय इतिहास में राजपुताने का गौरवपूर्ण स्थान रहा है। यहां के रणबांकुरों ने देश, जाति, धर्म तथा स्वाधीनता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने में कभी संकोच नहीं किया। उनके इस त्याग पर संपूर्ण भारत को गर्व रहा है। वीरों की इस भूमि में राजपूतों के छोटे-बड़े अनेक राज्य रहे जिन्होंने भारत की स्वाधीनता के लिए संघर्ष किया। इन्हीं राज्यों में मेवाड़ का अपना एक विशिष्ट स्थान है जिसमें इतिहास के गौरव बप्पा रावल, खुमाण प्रथम महाराणा हम्मीर, महाराणा कुम्भा, महाराणा सांगा, उदयसिंह और वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) ने जन्म लिया है।

आइए जानते हैं महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के बारे में:

महाराणा प्रताप, मेवाड़ के 13वें राजपूत राजा थे। उनका जन्म मेवाड़ के सिसोदिया राजपूत परिवार में, 09 मई 1540 को हुआ था।

उनका जन्म वर्तमान राजस्थान के कुम्भलगढ़ में महाराणा उदयसिंह एवं माता रानी जयवन्ताबाई के घर हुआ था। लेखक जेम्स टॉड के अनुसार महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) का जन्म मेवाड़ के कुम्भलगढ में हुआ था। इतिहासकार विजय नाहर के अनुसार राजपूत समाज की परंपरा व महाराणा प्रताप की जन्म कुण्डली व कालगणना के अनुसार महाराणा प्रताप का जन्म पाली के राजमहलों में हुआ।

• महाराणा प्रताप को बचपन मे कीका के नाम से पुकारा जाता था।

• महाराणा प्रताप का वजन 110 किलो ओर हाइट 7 फ़ीट 5 इंच थी

• महाराणा प्रताप ने राजनैतिक कारणों से कुल 11 शादियां की थी

• महाराणा प्रताप के कुल 17 बेटे और 05 बेटियां थीं।

• महारानी अजब देह से पैदा हुए पुत्र अमर सिंह को महाराणा प्रताप का उत्तराधिकारी बनाया गया था।

Maharana Pratap Jayanti 2021:

Maharana Partap Jayanti 2021: मेवाड़ की शान वीर महाराणा प्रताप की जयंती के इस खास अवसर पर जाने उनसे जुड़ी कुछ खास बातें
Maharana pratap jayanti ki hardik shubhkamnaye

महाराणा प्रताप के पास उनका सबसे प्रिय घोड़ा ‘चेतक’ था। महाराणा प्रताप जिस घोड़े पर बैठते थे वह घोड़ा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ घोड़ों में से एक था। ऐसा कहा जाता है कि महाराणा प्रताप तब 72 किलो का कवच पहनकर 81 किलो का भाला अपने हाथ में रखते थे। भाला, कवच और ढाल-तलवार का वजन कुल मिलाकर 208 किलो था। राणा 208 किलो वजन के साथ युद्ध के मैदान में उतरते थे। सोचिए तब उनकी शक्ति क्या रही होगी।

महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) का घोड़ा चेतक हवा से बाते करता था उसने हाथी के सिर पर पैर रख दिया था और 26 फिट लंबे नाले से छलांग लगाकर घायल महाराणा को ले गया था।

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हल्दीघाटी की लड़ाई में उनका वफादार घोड़ा चेतक गंभीर रूप से जख्मी होने की वजह से मारा गया. लेकिन इस शहादत ने उसे खासी शोहरत दिलाई।

महाराणा प्रताप और मुगल बादशाह अकबर के बीच लड़ा गया हल्दीघाटी का युद्ध काफी चर्चित है. क्योंकि अकबर और महाराणा प्रताप (Maharana pratap)  के बीच यह युद्ध महाभारत युद्ध की तरह विनाशकारी सिद्ध हुआ था।

आपको बता दें हल्दी घाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप के पास सिर्फ 20000 सैनिक थे और अकबर के पास 85000 सैनिक. इसके बावजूद महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते रहे।

हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की तरफ से लड़ने वाले सिर्फ एक मुस्लिम सरदार था -हकीम खां सूरी।

Maharana Pratap Jayanti 2021:

जब अकबर ने की महाराणा प्रताप की तारीफ:

जब महाराणा प्रताप जंगल-जंगल भटक रहे थे। अकबर ने एक जासूस को महाराणा प्रताप की खोज खबर लेने को भेजा गुप्तचर ने आकर बताया कि महाराणा अपने परिवार और सेवकों के साथ बैठकर जो खाना खा रहे थे उसमें जंगली फल, पत्तियाँ और जड़ें थीं। जासूस ने बताया न कोई दुखी था, न उदास। ये सुनकर अकबर का हृदय भी पसीज गया और महाराणा के लिए उसके ह्रदय में सम्मान पैदा हो गया। अकबर के विश्वासपात्र सरदार अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना ने भी अकबर के मुख से प्रताप की प्रशंसा सुनी थी। उसने अपनी भाषा में लिखा, “इस संसार में सभी नाशवान हैं। महाराणा ने धन और भूमि को छोड़ दिया, पर उसने कभी अपना सिर नहीं झुकाया. हिंदुस्तान के राजाओं में वही एकमात्र ऐसा राजा है, जिसने अपनी जाति के गौरव को बनाए रखा है.” उनके लोग भूख से बिलखते उनके पास आकर रोने लगते. मुगल सैनिक इस प्रकार उनके पीछे पड़ गए थे कि भोजन तैयार होने पर कभी-कभी खाने का अवसर भी नहीं मिल पाता था और सुरक्षा के कारण भोजन छोड़कर भागना पड़ता था।

Maharana Pratap Jayanti 2021:

Maharana Partap Jayanti 2021: मेवाड़ की शान वीर महाराणा प्रताप की जयंती के इस खास अवसर पर जाने उनसे जुड़ी कुछ खास बातें
महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं

तो चलिए आज वीर योद्धा महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर हम आपके लिए लाए है कुछ ऐसी पंक्तियाँ जिन्हें पढ़कर आप काफी गर्व महसूस करेंगे:

धन्य हो रे राजस्थान,
जो जन्म लिया यहां प्रताप ने,
धन्य हो रे सारा मेवाड़,
जहां कदम रखे थे प्रताप ने.
महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं

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प्रताप के शौर्य की गाथा,
हर कोई सुनाएगा गाकर,
मातृभूमि भी धन्य हो गई,
प्रताप जैसा पुत्र पाकर.
महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं

चेतक पर चढ़ कर जिसने,
भाले से दुश्मन संहारे थे,
मातृभूमि की खातिर,
जंगल में कई साल गुजारे थे.
महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं

भारत मां का ये वीर सपूत,
हर हिंदुस्तानी को प्यारा है,
कुंवर प्रताप जी के चरणों में,
शत-शत नमन हामारा है.
महाराणा प्रताप जयंती 2021 की हार्दिक शुभकामनाएं

इकबाल था बुलंद, उसे धूल कर दिया,
मद जिसका था प्रचंड, सारा दूर कर दिया,
राणा प्रताप इकलौते, थे ऐसे वीर जिसने,
अकबर का सारा घमंड, चूर चूर कर दिया।
महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं

जब-जब तेरी तलवार उठी, तो दुश्मन टोली डोल गयी।
फीकी पड़ी दहाड़ शेर की, जब-जब तूने हुंकार भरी॥
महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।

प्रताप का सिर कभी नहीं झुका,
इस बात से अकबर भी शर्मिंदा था,
मुगल कभी चैन से सो न सके
जब तक मेवाड़ी राणा जिन्दा था।
महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।

Happy maharana pratap jayanti

महाराणा प्रताप जैसे वीर हर हिन्दुस्तानी को प्यारा हैं,
मेवाड़ी सरदार के चरणों में शत-शत नमन हमारा हैं।
महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।

अकबर भी प्रताप के वीरता से घबराया था,
तभी तो हल्दीघाटी के युद्ध में वह स्वयं नही आया था।
महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।

Maharana Partap Jayanti 2021: मेवाड़ की शान वीर महाराणा प्रताप की जयंती के इस खास अवसर पर जाने उनसे जुड़ी कुछ खास बातें
महाराणा प्रताप जयंती 2021

राजपुताने की आन है राणा,
राजपुताने की शान है राणा,
वीरों के लिए एक पैगाम है राणा,
भारत के वीर पुत्र का नाम है राणा।
महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।

Maharana Pratap Jayanti 2021:

साहस का प्रतीक नीले घोड़े पर सवार,
वीरता का प्रतीक मेरा मेवाड़ी सरदार।
महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।

ये हिन्द झूम उठे गुल चमन में खिल जाएँ,
दुश्मनों के कलेजे नाम सुन के हिल जाएँ,
कोई औकात नहीं चीन-पाक जैसे देशों की
वतन को फिर से जो राणा प्रताप मिल जाएँ।
महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।

महाराणा प्रताप के शौर्य को शत-शत वंदन हैं,
धन्य है राजस्थान जिसका माटी भी चंदन हैं।
महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।

आज (Maharana Pratap) महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर यह पोस्ट अपने दोस्तों के साथ व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया पर शेयर करें और खुद गौरान्वित महसूस करे की आपने उस भूमि पर जन्म लिया जहाँ इतने वीर व साहसी योद्धा महाराणा प्रताप ने जन्म लिया।

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

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