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दो बेटियों के सिर से कोरोना ने छीना माता पिता का साया, उजड़ गयी परिवार की खुशियां

दो छोटी सी बेटियां जिनका कोई औऱ सहारा नही। वे इस सदमे से अभी उभरी ही नहीं थी कि साथ रह रही नानी भी सदमे के कारण कार्डिय अटैक से घर में ही चल बसीं।

दो बेटियों के सिर से कोरोना ने छीना माता पिता का साया, उजड़ गयी परिवार की खुशियां

अजमेर. कोरोना के इस दौर में लोग ऑक्सीजन के लिए त्राहि त्राहि कर रहे है। उनका जीवन उनके परिवार वालो की खुशियां बस केवल उस ऑक्सीजन पर ही अटकी हुई है। ऐसे में ऑक्सीजन ना मिलने के कारण न सिर्फ एक व्यक्ति की मौत होती है बल्कि एक साथ पूरे परिवार की खुशियों और उनके संजोए गए सपनो की भी मौत हो जाती है। ऐसी की घटनाएं हर रोज सामने आती रहती है जब देखते ही देखते एक हँसते खेलते परिवार पर दुखों का बोझ आ गिरता है।

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यह घटना अजमेर की है जहां समय पर ऑक्सीजन न मिलने के कारण व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। समय पर ऑक्सीजन मिल जाती. और ऑक्सीजन सिलैंडर का सहारा मिल जाता. . . तो उस हंसते-खेलते परिवार की खुशियां नहीं उजड़ती।
जब रोगी को सांस लेने में दिक्कत हुई और सांसें उखडऩे लगी तो उसे सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां ठौर नहीं मिली तो प्राइवेट अस्पताल गए मगर यहां भी ऑक्सीजन सिलैण्डर की कमी ने परिवार के मुखिया की जान ले ली।

यही नहीं इसके ठीक आठ दिन बाद पत्नी की भी ऑक्सीजन की कमी से जूझते हुए मौत हो गई। दोनों माता पिता की जान चली गयी, और घर मे रह गयी दो छोटी सी बेटियां जिनका कोई औऱ सहारा नही। वे इस सदमे से अभी उभरी ही नहीं थी कि साथ रह रही नानी भी सदमे के कारण कार्डिय अटैक से घर में ही चल बसीं। 15 दिन के भीतर परिवार में तीन जनों की मौत के बाद आंखों से आंसूू भी सूख गए।

अजमेर के ब्यावर रोड सुन्दर नगर निवासी पेन्टिंग का काम करने वाले मुकेश शर्मा (45), पत्नी मीनू कुमारी (40) की कोरोना संक्रमण के चलते ऑक्सीजन की कमी से मृत्यु हो गई। इनके साथ ही रह रही मीनू की मां इन्द्रा देवी की भी सदमे के चलते अटैक आने से मौत गई। मृतक मुकेश के साले राजकुमार शर्मा ने बताया कि उसके जीजा कोरोना से संक्रमित हुए थे जिसके चलते उन्हें अचानक सांस लेने में दिक्कत आने लगी। तत्काल उन्हें जवाहर लाल नेहरू नेहरू अस्पताल लेकर गए लेकिन वहां ऑक्सीजन बेड खाली नहीं होना बताने पर एक प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे। मगर वहां भी ऑक्सीजन सिलैंडर की अनुपलब्धता बताई गई।
मुकेश का ऑक्सीजन लेवल तेजी से नीचे गिरकर 38 पर पहुंच गया जिसके बाद 28 अप्रेल को उनकी मौत हो गई। बाद में राजकुमार की बड़ी बहन मीनू कुमारी को भी यही परेशानी हुई और 6 मई को उनकी भी कोरोना से मौत हो गई। घर में पूरी तरह से मातम छा गया। उनके साथ रह रही मीनू की मां सदमे में आ गई और 11 मई को कार्डिक अटैक से उनकी मौत हो गई।

दो बेटियों के सिर से उठा साया:

यह एक छोटा सा परिवार था जिसमे माता पिता के अलावा केवल दो बेटियां ही हैं, यह दोनों पढ़ाई कर रही हैं। इस घटना के कारण परिवार बिखर सएए गया है। दोनों बेटियों का रो-रोकर उनका बुरा हाल हो गया है। अब उनका सहारा केवल उनके मामा राजकुमार ही हैं।
बड़ी बेटी युक्ति शर्मा (17) अब प्रथम वर्ष से प्रमोट हुई है जबकि दूसरी बेटी सलोनी शर्मा (15) दसवीं कक्षा पास है।
दोनों बेटियों की जिन्दगी संवारने, पढ़ाई पूरी करने एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की मदद का इंतजार है।

मामा राजकुमार की पत्नी पांच वर्ष पूर्व चल बसी थी। वह एक पेंटर का काम करता है, राजकुमार ने कहा कि अब मेरा सपना है कि बहन की दोनों बेटियां पढ़-लिखकर नौकरी पर लग जाएं।

IAS बनाना है ख्वाब:

बड़ी बेटी युक्ति बताती हैं कि उसका बचपन से सपना आइएएस बनने का है। जबकि छोटी बेटी सलोनी पढ़ाई में होशियार होने से साथ अच्छी आर्टिस्ट है।

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer