राजस्थान

लड़ाकू विमानों को आपात स्थिति में उतारने के लिए राजस्थान में बनी इमरजेंसी एयर स्ट्रिप, इस मामले में देश का पहला ऐसा राज्य बना राजस्थान

लड़ाकू विमानों को हाइवे पर उतार कर दोबारा उड़ान भरी जा सकेगी। भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास बन रही इमरजेंसी एयर स्ट्रिप का उद्घाटन गुरुवार को होने जा रहा है। जहां सेना के लड़ाकू विमान सीधे हाइवे पर लैंड होंगे।

लड़ाकू विमानों को आपात स्थिति में उतारने के लिए राजस्थान में बनी इमरजेंसी एयर स्ट्रिप, इस मामले में देश का पहला ऐसा राज्य बना राजस्थान

जयपुर. राजस्थान देश पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जहां आपात स्थिति में लड़ाकू विमानों को हाइवे पर उतार कर दोबारा उड़ान भरी जा सकेगी। भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास बन रही इमरजेंसी एयर स्ट्रिप का उद्घाटन गुरुवार को होने जा रहा है। जहां सेना के लड़ाकू विमान सीधे हाइवे पर लैंड होंगे। एक दिन पहले बुधवार को पाक सीमा से सटे सरहदी इलाके में रिहर्सल के तौर पर 3 देश के लड़ाकू विमान उतारे गए। जिसमें  हरक्यूलिस, सुखोई और मिग के साथ अगस्ता हेलिकॉप्टर भी शामिल थे।

यह भी पढ़े, ग्रामीण ओलंपिक की हो रही तैयारी, अब राजस्थान के खिलाड़ियों को मिलेगा बढ़ावा

बुधवार को यहां रिहर्सल के तौर पर 3 फाइटर प्लेन उतारे गए। एयरफोर्स अधिकारियों की निगरानी में सुबह सबसे पहले हरक्यूलिस प्लेन को उतारा गया। इसके बाद सुखोई और मिग के साथ अगस्ता हेलिकॉप्टर की भी लैंडिग हुई। यहां दोपहर 2 बजे तक आवागमन को भी बंद कर दिया गया। लैंडिंग के पहले से ही एयरफोर्स और पुलिस के अधिकारी पहुंच गए थे।

कितनी लागत और कितना बड़ा है यह एयर हाइवे

दरअसल, बाड़मेर-जालोर जिले की सीमा पर पाकिस्तान बॉर्डर से महज 40 किलोमीटर की दूरी पर भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बने नेशनल हाइवे-925ए पर यह हवाई पट्‌टी बनाई गई है। जहां वायुसेना इमर्जेंसी में अपने लड़ाकू विमान उतार सकेंगे। इसके बनने में करीब 32.95 करोड़ रुपए का खर्च आया है। जो 3 किमी. लंबी और 33 मीटर चौड़ी है। यहां एक साथ कई विमान पार्क हो सकेंगे।

इसके अलावा 25 गुणा 65 मीटर आकार की एटीसी प्लिंथ का डबल मंजिला एटीसी केबिन के साथ निर्माण किया गया है, जो पूरी तरह से वॉशरूम सुविधायुक्त है। इसके अलावा इमरजेंसी हवाई पट्टी के पास 3.5 किमी. लंबी और 7 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई गई है। इस पर 33 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।

एयरपोर्ट के अलावा पहली बार देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी किसी हवाई पट्टी पर पहुंचेंगे। रक्षा और ट्रांसपोर्ट मंत्रालय के सहयोग से देश में इस तरह के करीब 12 हाईवे तैयार किए जा रहे हैं।

मॉक ड्रिल के साक्षी होंगे राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी

बता दें कि कल इसकी मॉक ड्रिल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी शामिल होने वाले हैं। साथ ही वायुसेना के तमाम बड़े अधिकारी भी पहुंचेंगे। जिनकी मौजूदगी में इमरजेंसी एयर स्ट्रिप का उद्घाटन भी होगा। हवाई पट्टी के आसपास के इलाके को छाबनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस के तैनाती के बाद भी आवागमन को भी बंद कर गया है।

तेज गर्जना के साथ उड़ाने भरेंगे भारत के लड़ाकू विमान:

वायुसेना के अधिकारियों के मुताबिक आपातकालीन हवाई पट्टी के उद्घाटन के बाद करीब डेढ़ घंटे तक वायुसेना के सबसे बेहतरीन फाइटर प्लेन उड़ान भी भरेंगे। जिसमें सुखोई SU-30, मिग और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान शामिल होंगे।

अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के नजदीक पहला ‘टच एंड गो’ ऑपरेशन:

देश की पहली आपातकालीन हवाई पट्टी पर 9 सितंबर को करीब डेढ़ घंटे तक वायुसेना के बेड़े में शामिल कई लड़ाकू विमान तेज गर्जना के साथ उतरेंगे और उड़ान भी भरेंगे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी इस हवाई पट्टी पर लड़ाकू विमानों के ट्रायल के साक्षी बनेंगे। इस दौरान सुखोई SU-30, मिग और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान तेज गर्जना के साथ आपातकालीन हवाई पट्टी पर लैंडिंग करेंगे।

आखिर क्यों बनाई गई हाईवे पर हवाई पट्टी:

बता दें कि युद्ध के समय में यह हाईवे हवाई पट्टी की सबसे ज्यादा जरुरत होती है। करीब 50 साल पहले पाकिस्तान से युद्ध जैसी आपात परिस्थितियों में वायुसेना के भुज एयरबेस पर जो हुआ था अब इसके बनने से वैसा नहीं होगा। क्योंकि उस दौरान 1971 को पाकिस्तान के जेट्स ने वायुसेना के भुज एयरबेस पर बम धमाके किए थे। इससे एयरबेस के रनवे तबाह हो गया था। भविष्य में ऐसे हालात पैदा न हों इसके लिए राजस्थान में यह हाईवे  हवाई पट्टी बनाई गई है।

 

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer