राजस्थान

खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए गहलोत सरकार दे रही यह सुविधाएं

खिलाड़ियों ने एक ही दिन में तीन अलग-अलग पदक जीतकर देश-प्रदेश का नाम पूरी दुनिया में ऊंचा किया है. इसका जश्न पूरे देश में मनाया जा रहा है.

खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए गहलोत सरकार दे रही यह सुविधाएं

जयपुर. टोक्यो पैरालम्पिक में राजस्थान के खिलाड़ियों के प्रदर्शन से पूरा देश और प्रदेश गौरवान्वित है. राजस्थान के तीन खिलाड़ियों ने एक ही दिन में तीन अलग-अलग पदक जीतकर देश-प्रदेश का नाम पूरी दुनिया में ऊंचा किया है. इसका जश्न पूरे देश में मनाया जा रहा है.

गहलोत सरकार ने भी प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिए बड़ी इनामी राशि का ऐलान किया है. सीएम गहलोत ने कहा कि इन खिलाड़ियों ने जीवटता की मिसाल कायम करते हुए देश-प्रदेश का नाम रोशन किया है. प्रदेश की अन्य खेल प्रतिभाओं को भी उनकी इस उपलब्धि से राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी.

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गहलोत ने स्वर्ण पदक विजेता शूटर अवनि को दिए 3 करोड़ लेखरा को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता जेवलिन थ्रोअर देवेन्द्र झाझड़िया को दो करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता जेवलिन थ्रोअर सुन्दर गुर्जर को एक करोड़ रुपये इनामी राशि के रूप में देने की घोषणा की है.

क्या बोले सीएम अशोक गहलोत:

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खिलाड़ियों ने जीवटता की मिसाल कायम करते हुए देश-प्रदेश का नाम रोशन किया है. प्रदेश की अन्य खेल प्रतिभाओं को भी उनकी इस उपलब्धि से राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी.

इन फैसलों से बना खेलों के प्रति माहौल

राजस्थान में पिछले दिनों ही ओलम्पिक खेलों में पदक जीतने पर खिलाडियों को इनामी राशि को बढ़ाया गया था. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2020-21 के बजट में इनामी राशि बढाने की घोषणा की थी. पहले स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने पर 75 लाख, 50 लाख और 30 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान था. गहलोत ने इसे बढ़ाकर 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपये कर दिया था.

राज्य में पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं. अवनि लेखरा, देवेन्द्र झाझड़िया और सुन्दर गुर्जर को भी आउट ऑफ टर्न नियुक्तियां मिली हुई हैं. टोक्यो पैरालम्पिक के ये तीनों पदक विजेता वन विभाग में एसीएफ के पद पर कार्यरत हैं. स्टेट लेवल टूर्नामेंट की भी राजस्थान में परम्परा शुरू की गई है. खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रशिक्षण की भी उच्चस्तरीय व्यवस्था की जा रही है. इन सब वजहों से प्रदेश में खेलों के प्रति माहौल बना है.

खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए 5-5 लाख रुपये स्वीकृत 

प्रदेश की इन तीनों खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए पैरालंपिक खेलों के प्रशिक्षण के रूप में 5-5 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं. अवनि लेखरा और सुन्दर गुर्जर को राज्य क्रीड़ा परिषद में निःशुल्क प्रशिक्षण तथा अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं. अवनि जयपुर की आधुनिकतम सुविधाओं से युक्त जगतपुरा शूटिंग रेंज में और सुन्दर सवाई मानसिंह स्टेडियम की एथलेटिक्स स्पोर्ट्स अकादमी में नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं. कोच चन्द्रशेखर के मार्गदर्शन में अवनि को कोच महावीर सैनी के मार्गदर्शन में एथलीट सुन्दर गुर्जर को गहन खेल प्रशिक्षण दिया गया है.

 

खिलाड़ियों को मिलेगी और बेहतर करने की प्रेरणा

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की राजस्थान में खेलों के विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के लिए इस नई नीति का ही परिणाम है कि अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान के खिलाड़ियों का दमखम सामने आ रहा है निश्चित तौर पर आने वाले समय में सरकार के इन प्रयासों से खिलाड़ियों को और बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी.

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer