पाली

Water Train in Pali: पानी के गहराते संकट को देखते हुए 2 साल बाद पाली ने शुरू होंगी वाटर ट्रेन, जोधपुर से पहुंचाया जाएगा पानी

Water Train in Pali:पाली जिले में पानी का सबसे बड़ा स्रोत है। जवाई से पाली शहर समेत सुमेरपुर, रानी, फालना, बाली, जैतारण, सोजत, तखतगढ़, मारवाड़ जंक्शन में पानी सप्लाई होता है।

Water Train in Pali:

पाली. इस साल प्रदेश में मानसून एक्टिव तो रहा लेकिन इसके बावजूद उसकी बेरुखी देखने को मिली, जिस वजह से पानी का संकट खड़ा हो चुका है। जिसका नतीजा यह हुआ है कि अब से पाली जिले में दो साल बाद फिर से वाटर ट्रेन चलाई जाएगी। वाटर ट्रेन (Water Train in Pali) 21 सितम्बर से चलना शुरू होंगी व लोगो को उससे पानी पहुँचाया जाएगा।
राजस्थान के जयपुर, अजमेर व टोंक जिलों के अलावा इस बार पाली शहर (Water Train in Pali) व उसके आस पास के 8 शहरों व 1020 गावों तक भी पानी पहुंचाया जाएगा। इस तरह हर दिन में 4 बार वाटर ट्रेन के जरिये पानी की सप्लाई की जाएगी।

इस साल बारिश के अभाव में बांधो की स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है। 30 अगस्त तक बारिश की स्थिति सामान्य से 12 फीसदी कम रही जो कि विकट होती जा रही है।
प्रदेश में 727 बांध है जिनमें से 42 फीसदी ऐसे है जो सूखे पड़े है। वहीं 303 बांध ऐसे है जिनमे जिनमे पानी ही नही बचा है। इनमें से कुछ ही ऐसे प्रमुख बांध है जो कि पानी की सप्लाई करने के लिए महत्वपूर्ण है। इनमें टोंक का बीसलपुर और पाली का जवाई बांध हैं।

यह भी पढ़े, पानी के संकट को लेकर पाली जिले की जनता का धैर्य टूटा, बोले कब तक तरसेंगे हम

21 सितंबर से पाली में चलेगी वाटर ट्रेन (Water Train in Pali), 4 दिन में एक बार पानी की सप्लाई:

जवाई बांध पाली जिले में पानी का सबसे बड़ा स्रोत है। जवाई से पाली शहर समेत सुमेरपुर, रानी, फालना, बाली, जैतारण, सोजत, तखतगढ़, मारवाड़ जंक्शन में पानी सप्लाई होता है।
इसके अलावा 1020 ऐसे छोटे छोटे गाँव है जो पानी के लिए जवाई बांध पर निर्भर है। वहीं अब बांध में केवल 20 सितम्बर तक का पानी बचा है।
जल स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) अधीक्षण अभियंता (एसई) जगदीश प्रसाद शर्मा ने बताया कि बांध से 90 से 100 MLD पानी लिया जा रहा है, जो 20 सितंबर तक जारी रहेगा। 20 सितंबर के बाद बांध के डेड स्टोरेज से हर रोज 50-60 MLD सप्लाई की जाएगी, जो अधिकतम 31 अक्टूबर तक होगी।

इसे देखते हुए हमने 21 सितंबर से वाटर ट्रेन (Water Train in Pali) शुरू करने का निर्णय किया है। हर रोज 4 फेरों में यह ट्रेन करीब 10MLD पानी जोधपुर से लेकर पाली पहुंचेगी। लोकल तालाब और छोटे जलस्त्रोतों से भी पानी लेकर सप्लाई किया जाएगा। एसई ने बताया कि पानी की कमी को देखते हुए हम सप्लाई की अवधि को 96 घंटे करने जा रहे हैं।

जयपुर व अजमेर में भी हालात हो सकते है खराब:

अगर आने वाले कुछ समय में बारिश ठीक से नहीं होती है तो पानी का संकट पाली ही नहीं बल्कि अजमेर, जयपुर और टोंक के कुछ क्षेत्रों को भी झेलना पड़ सकता है। इन तीन जिलों में करीब एक करोड़ की आबादी के लिए हर रोज बीसलपुर बांध से पानी सप्लाई किया जाता है। बांध का मौजूदा समय में गेज 310.66 आरएल मीटर है और इसमें कुल पानी 361.21 एमक्यूएम है, जो कुल भराव क्षमता (1095.84 एमक्यूएम) का करीब 33 फीसदी है।

बांध से हर रोज जयपुर शहर के अलावा चाकसू, दूदू, सांभर सहित अन्य कस्बों में 590 एमएलडी, अजमेर जिले और उसके आस-पास के इलाकों में 305 एमएलडी और टोंक के उनियारा-देवली के लिए 50 एमएलडी पानी लिया जा रहा है। वहीं जल्द ही अब यहां पानी की कमी को देखते हुए पीएचईडी ने जयपुर के लिए बांध से 50 MLD पानी की सप्लाई घटा दी है। अगर बांध में पानी नहीं आया तो यह सप्लाई आने वाले समय में और कम की जा सकती है। इसके साथ ही अजमेर में भी पानी की सप्लाई प्रभावत हो सकती है। अजमेर में वर्तमान में 2 दिन में एक बार पानी सप्लाई हो रहा है।

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer