टोंक

हाईकोर्ट ने टोंक की मशहूर सुनहरी कोठी के मामले में किया नोटिस जारी

हाइकोर्ट ने पक्षकारों को नोटिस जारी किया है। हाइकोर्ट के अधिवक्ता मोहित बलवदा ने बताया की सरकार ने 1995 में कोठी को भूमि अधिग्रहण करते हुए अपने कब्जे में ले लिया था

हाईकोर्ट ने टोंक की मशहूर सुनहरी कोठी के मामले में किया नोटिस जारी

टोंक. नवाबी रियासत में बनी नजरबाग स्थित सुनहरी कोठी के मालिकाना हक को लेकर हाइकोर्ट ने पक्षकारों को नोटिस जारी किया है। हाइकोर्ट के अधिवक्ता मोहित बलवदा ने बताया की सरकार ने 1995 में कोठी को भूमि अधिग्रहण करते हुए अपने कब्जे में ले लिया था।

कब्जे में लेते हुए उनके वारिसों के लिए लगभग 95 लाख रुपए का मुआवजा तय कर दिया था। इस मुआवजा राशि के खिलाफ और मालिकाना हक के लिए 5 वारिसों ने अलग-अलग टोंक जिला न्यायालय में वाद दायर किया था कि सरकार ने जो मुआवजा राशि तय की है वो कम है। इसे बढ़ाना चाहिए और सबने कहा की इस पर सिर्फ अकेले उनका ही मालिकाना अधिकार है

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ऐसे में मुआवजा उन्हें मिलना चाहिए। इस पर कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा की किसी का भी उतराधिकारी प्रमाण पत्र सही नहीं लग रहा है। अत: जब तक कोई पार्टी विधिक वारिसनामा ले कर नहीं आती है। तब तक मुआवजा राशि सरकार के अधिग्रहण में ही रहेगी।

इस फैसले के खिलाफ तात्कालीन रियासत के नवाब आफताब अली खान ने अधिवक्ता मोहित बलवदा और अधिवक्ता ईशान मिश्रा के जरिए अपील करते हुए हाइकोर्ट में वाद दायर किया। अधिवक्ता मोहित बलवदा ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा की सरकार ने जो मुआवजा राशि जो तय की है वो बहुत कम है। इसे बढ़ाना चाहिए और इस सुनहरी कोठी के इकलौते वारिस नवाब आफताब अली खान है। अधिवक्ता मोहित बलवदा की दलीलों पर न्यायाधीश अशोक कुमार गौड़ ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया है।

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer