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नवरात्रा: घरों व मंदिरों में घट स्थापना के साथ आज से शुरू होंगे नवरात्रा

नवरात्रा: शक्ति की उपासना का पर्व शारदीय नवरात्रा गुरुवार से शुरू होंगे। घरों और मंदिरों में घट स्थापना के साथ नवरात्रा की शुरूआत होगी। श्रद्धालु देवी के विभिन्न स्वरूपों का अभिषेक, पूजन कर व्रत -उपासना करेंगे। दुर्गा सप्तशती पाठ और देवी मंत्रों का जाप होगा।

देवी प्रतिमाओं को घरों और मोहल्लों में विराजित कर नवरात्रा में पूजन किया जाएगा। घर-घर में स्थापित देवी मूर्तियों का तेल, सिंदूर, बर्ग, मालीपाना आदि पूजन सामग्री से पूजन कर लापसी का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पंडित राजेन्द्र किराडू के अनुसार इस बार शारदीय नवरात्रा आठ दिन के है।

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एक तिथि क्षय है। दुर्गाष्टमी पूजन 13 और दुर्गानवमी पूजन 14 अक्टूबर को होगा। पंडित किराडू के अनुसार शारदीय नवरात्रा के पहले दिन चित्रा नक्षत्र और वैधृत योग होने के कारण घट स्थापना के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त मध्याह्न 12.15बजे से शाम 3 बजे तक है।

कलश की स्थापना मंदिर के उत्तर-पूर्व दिशा में करनी चाहिए और मां की चौकी लगा कर कलश को स्थापित करना चाहिए। सबसे पहले उस जगह को गंगाजल छिड़क कर पवित्र कर लें। फिर लकड़ी की चौकी पर लाल रंग से स्वास्तिक बनाकर कलश को स्थापित करें। कलश में आम का पत्ता रखें और इसे जल या गंगाजल भर दें। साथ में एक सुपारी, कुछ सिक्के, दूर्वा, हल्दी की एक गांठ कलश में डालें।

कलश के मुख पर एक नारियल लाल वस्त्र से लपेट कर रखें। चावल यानी अक्षत से अष्टदल बनाकर मां दुर्गा की प्रतिमा रखें। इन्हें लाल या गुलाबी चुनरी ओढ़ा दें। कलश स्थापना के साथ अखंड दीपक की स्थापना भी की जाती है। कलश स्थापना के बाद मां शैलपुत्री की पूजा करें। हाथ में लाल फूल और चावल लेकर मां शैलपुत्री का ध्यान करके मंत्र जाप करें और फूल और चावल मां के चरणों में अर्पित करें। मां शैलपुत्री के लिए जो भोग बनाएं, गाय के घी से बने होने चाहिए। या सिर्फ गाय के घी चढ़ाने से भी बीमारी व संकट से छुटकारा मिलता है।

विशेष मंत्र : ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै।’ मंगल कामना के साथ इस मंत्र का जप करें।

मंदिर सजे, घर-घर में तैयारियां:

नवरात्रा को लेकर शहर में स्थित विभिन्न देवी मंदिरों को रंग रोगन के साथ रंग बिरंगी रोशनियों से सजाए गए है। निज मंदिरों को विभिन्न प्रकार के पुष्पों और सजावटी सामान से सजाए गए है। मंदिरों में रात तक तैयारियां चलती रही। मंदिरों में नवरात्रा के दौरान पहुंचने वाले दर्शनार्थियों को देखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की गई है।

कोरोना गाइड लाइन की पालना के तहत ही दर्शनार्थी दर्शन-पूजन करें, इसकी व्यवस्थाएं मंदिर ट्रस्ट, समितियों और पुजारियों की ओर से की गई है। वहीं नवरात्रा को लेकर घर-घर में भी तैयारियां रात तक चलती रही। नवरात्रा पूजन अनुष्ठान की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।

बाजारों में हुई खरीदारी:

नवरात्रा को लेकर बुधवार को शहर के विभिन्न बाजारों में देर शाम तक खरीदारी चलती रही। लोगों ने नवरात्रा पूजन के लिए पूजन सामग्री की खरीदारी की। मिठाई, पुष्प माला और सजावटी सामानों की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ रही।

नवरात्रा के दौरान गेंहू के ज्वारा के लिए मिट्टी से बने पालसियों की भी बिक्री हुई। वहीं पूगल रोड सहित विभिन्न स्थानों पर लगी मूर्तियों की दुकानों पर देर शाम तक देवी प्रतिमाओं की खरीदारी चलती रही।

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer