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जौहर कुंड बना भूतिया महल, आज भी कुंड से आती है चीखने की आवाजें

जौहर कुंड अब एक भूतिया जगह बन चुकी है। लोगों का मानना है कि जो भी व्यक्ति इस जगह जाता है वो जिंदा वापस नहीं लौट पाता। कहते है कि आज भी इस जगह से महिलाओं के चीखने

जौहर कुंड बना भूतिया महल, आज भी कुंड से आती है चीखने की आवाजें

चित्तौड़गढ़. रानी पद्मनी समेत कई महिलाओं ने चित्तौड़गढ़ के किले में बनें जौहर कुंड में अपने प्राण त्यागे थे। रानीं पद्मनी के साथ जौहर करने वाली 700 राजपूत महिलाएं थी। इतिहास में प्रसिद्ध इसी जौहर कुंड से कई तरह की कहानीयां भी सुनाई जाती है। कहते है कि इस कुंड से चीखने चिल्लाने की आवाजें आज भी आती है। यही वजह है कि लोग इस जगह पर जाने से डरते हैं।
यह पवित्र जौहर कुंड अब एक भूतिया जगह बन चुकी है। लोगों का मानना है कि जो भी व्यक्ति इस जगह जाता है वो जिंदा वापस नहीं लौट पाता। कहते है कि आज भी इस जगह से महिलाओं के चीखने की आवाजें सुनाई देती हैं। लोग इस कुंड का नाम लेने से भी डरते हैं।

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क्या होता जौहर:

जब किसी क्षेत्र के राजा की युद्ध मे हार हो जाती थी, तो उस राज्य की रानी व अन्य महिलाएं जौहर कर लेती थीं। इसका तात्पर्य यह है कि वे जौहर कुंड में आग लगाकर उसमें कूद जाती थी। ऐसा करने का मकसद था शत्रुओं से अपनी रक्षा करना।

खुदाई में मिले इस चीज के सबूत:

पुरातत्व विभाग ने करीब 60 साल पहले चित्तौड़गढ़ में खुदाई की थी। इन्हें इस खुदाई में भी जौहर के सबूत मिले थे। वैसे तो लोग इस कुंड के पास जाने से डरते हैं।
कहा जाता है कि आज भी इस कुंड से औरतों के चीखने की आवाज आती हैं। यह भी कहा जाता है कि जो भी इस कुंड के पास जाने की कोशिश करता है। तो उसे आपत्तिजनक अहसास का सामना करना पड़ा। चाहकर भी कोई व्यक्ति इस तक पहुंच नहीं सकता। यही वजह है कि लोग इस जगह जाने से डरते हैं और इसे भूतिया महल कहते हैं।

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

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