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ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जेम्स पैटिंसन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास

मेलबर्न, 20 अक्टूबर ()। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जेम्स पैटिंसन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उनका मानना है कि वह ऐशेज टीम में जगह बनाने की दौर में शामिल नहीं हैं।

पैटिंसन ने इस उम्मीद के साथ इस साल घरेलू क्रिकेट की शुरूआत की थी कि अच्छे प्रदर्शन के बाद वह ऐशेज टीम में जगह बना लेंगे। हालांकि, कोरोना के कारण विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्श में लॉकडाउन लगा, घरेलू क्रिकेट रुका और उनकी तैयारियां प्रभावित हुईं।

इसके अलावा उन्हें चोट भी लगी है, जिसके कारण वह यह निर्णय लेने पर मजबूर हुए। हालांकि वह घरेलू क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। उन्होंने कॉउंटी क्रिकेट भी खेलने के संकेत दिए।

उन्होंने कहा, मैं सीजन की शुरूआत यह सोच कर किया था कि मैं ऐशेज टीम में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा करूंगा, लेकिन अब लग रहा है कि मेरी तैयारियां अधूरी हैं। अगर मैं चुना भी जाता हूं तो इस तैयारी के साथ अपने चयन को न्याय नहीं कर पाऊंगा। आपको उसके लिए 100 फीसदी फिट होना होता है, जो मैं अभी महसूस नहीं कर रहा।

उन्होंने आगे कहा, इसलिए मैंने सर्वोच्च स्तर पर खेलने की बजाय विक्टोरिया के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने का फैसला किया है, ताकि मैं अपने बचे हुए तीन-चार के क्रिकेट करियर में राज्य के युवा तेज गेंदबाजों के उभार में मदद कर सकूं। इसके अलावा मैं इंग्लैंड में क्रिकेट खेलूंगा और परिवार के साथ समय बिताऊंगा।

जनवरी 2020 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट मैच के बाद पैटिंसन ने कोई टेस्ट मैच खेला है। पिछले और इस साल की शुरूआत में भारत के खिलाफ सीरीज के दौरान वह पसलियों में फ्ऱैक्च र से जूझ रहे थे। उन्होंने माना कि यह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से दूर होने का सही समय है।

पैटिंसन ने कहा, मैं क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को मुझमें भरोसा जताने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका देने के लिए उनको धन्यवाद देता हूं। इसके अलावा मैं अपने सभी साथी क्रिकेटरों का शुक्रिया करता हूं, जिन्होंने इस खूबसूरत सफर में मेरा साथ दिया। खासकर, जब मैं चोटिल था तो सीए और साथी खिलाड़ियों ने मुझे हौसला दिया और विश्वास बनाए रखा। इसके लिए मैं उनका आभारी हूं।

ऑस्ट्रेलिया के चयन समिति के अध्यक्ष जॉर्ज बेली ने कहा, जिन्होंने भी पैट के साथ खेला है, वह उनके प्रतिस्पर्धी स्वभाव को जानते हैं। उनके साथ खेलने से पता चलता है कि इस देश के लिए क्रिकेट खेलना कितने त्याग, समर्पण और गर्व की बात है। उनके रिकॉर्ड बताते हैं कि वह एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं। हम उन्हें और भी खेलते देखना पसंद करते।

पैटिंसन ने 2011 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरूआत की थी और पहले दो टेस्ट मैचों में पारी में पांच विकेट लिए थे। हालांकि उनका करियर चोटों से जूझता रहा और बहुत प्रभावित हुआ। इस कारण वह अपने 10 साल के लंबे करियर में सिर्फ 21 टेस्ट खेल पाए, जिसमें उन्होंने 26.33 की औसत और 48.90 की स्ट्राइक रेट से 81 विकेट लिए।

उन्होंने 15 वन डे और चार टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच भी खेला है। हालांकि 2015 से वह ऑस्ट्रेलिया के लिए सिर्फ लाल गेंद की क्रिकेट खेल रहे हैं।

आरएसके/आरजेएस

Sabal Singh Bhati

Sabal Singh Bhati is the Chief Editor at Niharika Times. He tweets @sabalbhati Views are personal.