टेक्नोलॉजी

टोकन सॉल्यूशन से टोटल सॉल्यूशन की ओर बढ़ रहा देश: मंडाविया

नई दिल्ली, 16 अप्रैल ()। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शनिवार को कहा कि देश स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में टोकन सॉल्यूशन से टोटल सॉल्यूशन की ओर आगे बढ़ रहा है और टेली-परामर्श सेवाएं इसका एक उदाहरण है।

स्वास्थ्य मंत्री ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों (एबी-एचडब्ल्यूसी) की चौथी वर्षगांठ समारोह की अध्यक्षता करते हुए ये बातें कही।

उन्होंने टेली-परामर्श सेवाओं को व्यापक रूप से अपनाने की बात भी कही।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, विकास के क्षेत्र में स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में हम स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में टोकन सॉल्यूशन से टोटल सॉल्यूशन की ओर बढ़े हैं।

इस दौरान उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में लोग ई-संजीवनी के लाभों को जानने लगे हैं। इसके कारण स्वास्थ्य सेवाओं की मांग के इस डिजिटल तरीके को व्यापक रूप से तेजी से अपनाने की उत्साहजनक प्रवृत्ति बढ़ी है, जबकि कुछ एचडब्ल्यूसी भी स्क्रीनिंग सेवाएं प्रदान कर रहे थे।

मंत्री ने कहा, कुछ स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र गंभीर बीमारियों जैसे मुंह, स्तन, गर्भाशय और गले के कैंसर के लिए स्क्रीनिंग सेवाएं भी प्रदान कर रहे हैं। इससे मरीज को न केवल बीमारी का जल्दी से पता लगाने में मदद मिलती है बल्कि मरीज को जल्दी इलाज भी उपलब्ध होता है।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं और स्वस्थ समाज से स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण होता है।

उन्होंने आगे कहा, दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों के लिए दूरसंचार सेवाएं बहुत महत्वपूर्ण हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को सभी के लिए सुलभ बनाने में सहायक हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सभी हितधारकों को टेली परामर्श सेवाएं प्रदान करने और उन्हें इससे कुशलतापूर्व जोड़ने के लिए जुटाना चाहिए।

उन्होंने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों पर होने वाले स्वास्थ्य मेलों के बारे में जागरूकता फैलाने की सलाह दी।

इस अवसर पर उन्होंने चार पुस्तिकाएं भी जारी कीं, जिनमें एबी-एचडब्ल्यूसी पर आयुष्मान भारत पर तिमाही रिपोर्ट, स्वास्थ्य के लिए मानव संसाधन पर दिशानिर्देश, कार्यान्वयन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधन संवर्ग का मार्गदर्शन और भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक दिशानिर्देश शामिल हैं।

इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने कहा कि देशवासियों को बिना किसी वित्तीय बोझ के सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उनके घरों के पास आसानी से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा, गर्भवती मां हों, नवजात शिशु हों, किशोर हों या सम्मानित बुजुर्ग, सभी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। इतना ही नहीं, स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र के बुनियादी ढांचे को भी दिव्यांगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है ताकि विशेष रूप से दिव्यांग मरीज भी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सकें।

उन्होंने आगे कहा, ये स्वास्थ्य केंद्र समुदाय के स्वास्थ्य हित में स्वास्थ्य सुविधाओं का वितरण सुनिश्चित कर रहे हैं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 की प्रतिबद्धताओं को पूरा कर रहे हैं।

एकेके/एएनएम