टेक्नोलॉजी

यूक्रेन में जीपीएस सैटेलाइट सिग्नल में दखल दे रहा रूस: अमेरिका

वाशिंगटन, 13 अप्रैल ()। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका ने रूस पर यूक्रेन में नेविगेशन, मैपिंग और अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) सैटेलाइट्स में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है।

एनबीसी न्यूज ने बताया कि पेंटागन में जनरल डेविड थॉम्पसन के अनुसार, रूस ने फिनलैंड के साथ अपनी सीमाओं पर नागरिक विमानों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले जीपीएस सिस्टम को भी जाम कर दिया है।

थॉम्पसन ने उल्लेख किया कि रूस ने अभी तक कक्षा (ऑर्बिट) में अमेरिकी जीपीएस उपग्रहों पर हमला नहीं किया है और इस संबंध में अमेरिकी अंतरिक्ष बल कड़ी नजर रखेगा।

स्पेस फोर्स के स्पेस ऑपरेशंस के वाइस चीफ थॉम्पसन ने एनबीसी नाइटली न्यूज को बताया, यूक्रेन जीपीएस का उपयोग करने में सक्षम नहीं हो सकता है, क्योंकि आसपास जैमर हैं, जो उन्हें किसी भी उपयोगी सिग्नल को प्राप्त करने से रोकते हैं।

उन्होंने आगे कहा, निश्चित रूप से रूसी जीपीएस की वैल्यू और इसके महत्व को समझते हैं और दूसरों को इसका इस्तेमाल करने से रोकने की कोशिश करते हैं।

थॉम्पसन ने कहा कि रूस विशेष रूप से, अमेरिका द्वारा उपयोग किए जाने वाले उपग्रहों की नवस्टार प्रणाली को लक्षित कर रहा है, जो कि अमेरिका द्वारा उपयोग में लाने के साथ ही दुनिया भर के कई देशों को खुले तौर पर उपलब्ध कराया गया है।

स्पेस डॉट कॉम ने एक रिपोर्ट में बताया कि यह प्रणाली, जो 24 मुख्य उपग्रहों का उपयोग करती है, जो हर 12 घंटे में पृथ्वी की परिक्रमा करती हैं, पृथ्वी पर यूजर्स को सिंक्रनाइज सिग्नल भेजकर काम करती हैं।

24 फरवरी को रूसी आक्रमण के बाद यूक्रेन के फाइबर ऑप्टिक या सेलुलर संचार अवसंरचना कनेक्शन को तोड़ दिया गया था।

यूक्रेनी उप प्रधानमंत्री और यूक्रेन के डिजिटल परिवर्तन मंत्री माईखाइलो फेडोरोव ने मदद के लिए स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क से संपर्क साधा था। अनुरोध के बाद, स्पेसएक्स ने यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएआईडी) के साथ युद्धग्रस्त देश में अब तक 5,000 स्टारलिंक टर्मिनलों को वितरित किया है।

मार्च की शुरुआत में, स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने नोट किया था कि स्टारलिंक सिग्नल भी जाम हो गए हैं, हालांकि उनकी कंपनी इस दिशा में काम कर रही है।

मस्क ने ट्विटर पर लिखा, संघर्ष क्षेत्रों के पास कुछ स्टारलिंक टर्मिनलों को एक समय में कई घंटों तक जाम किया जा रहा था।

उन्होंने आगे कहा, हमारा नवीनतम सॉफ्टवेयर अपडेट जाम को दरकिनार कर देता है।

एकेके/एएनएम