उत्तर प्रदेश

राजनाथ सिंह का यूपी दौरा – काशी और अवध क्षेत्र में बूथ स्तर पर चुनावी तैयारियों की करेंगे समीक्षा

भाजपा की चुनावी रणनीति के लिहाज से बूथ अध्यक्षों के इस सम्मेलन को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल , संगठन के लिहाज से भाजपा ने पूरे उत्तर प्रदेश को 6 क्षेत्रों में बांट रखा है और इनमें से 2 क्षेत्रों- काशी और अवध के बूथ अध्यक्षों के साथ बैठक करने की जिम्मेदारी पार्टी ने राजनाथ सिंह को सौंपी है।

बूथ स्तर तक चुनावी तैयारियों को पुख्ता करने की पार्टी की रणनीति के तहत राजनाथ सिंह 25 नवंबर को सीतापुर में अवध क्षेत्र के 33,474 बूथ अध्यक्षों को संबोधित करेंगे। आपको बता दें कि अवध क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के कुल 13 जिले – लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, अयोध्या, बाराबंकी, बलरामपुर, बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती और अंबेडकर नगर आते हैं। विधान सभा सीटों की बात करें तो 2017 के चुनाव में भाजपा को 82 में से 67 सीटों पर जीत हासिल हुई थी।

27 नवंबर को जौनपुर में राजनाथ सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के बूथ अध्यक्षों समेत काशी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 12 जिलों के लगभग 29,500 बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन को संबोधित कर चुनावी रणनीति के बारे में बताएंगे। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के अलावा जौनपुर, गाजीपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर,चंदौली, भदोही, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, प्रयागराज, अमेठी और कौशाम्बी जिले के सभी बूथों के अध्यक्ष इस सम्मेलन में शामिल होंगे। आपको बता दें कि इन 12 जिलों में विधान सभा की कुल 71 सीटें आती हैं और 2017 के पिछले विधान सभा चुनाव में भाजपा गठबंधन को इस क्षेत्र में 51 सीटों पर जीत हासिल हुई थी।

बूथ स्तर तक चुनावी तैयारियों को पुख्ता करने के लिए भाजपा ने अपने तीन दिग्गज नेताओं – जेपी नड्डा , अमित शाह और राजनाथ सिंह को लगाया है। राजनाथ सिंह को काशी और अवध क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि अमित शाह पर बृज और पश्चिम क्षेत्र को साधने की जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सोमवार को गोरखपुर और मंगलवार को कानपुर क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों को संबोधित कर चुके हैं।