पश्चिम बंगाल

बंगाल सरकार ने भर्ती मामले में सीबीआई जांच के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी

कोलकाता, 23 नवंबर (आईएएनएस)। स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा एसएससी ग्रुप डी स्टाफ की भर्ती के संबंध में कथित घोर हेराफेरी की सीबीआई जांच के कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल पीठ के आदेश को चुनौती देते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को कोर्ट की डिवीजन बेंच का रुख किया। मामले को स्वीकार कर लिया गया है, सुनवाई बुधवार को होने की संभावना है।

न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय की एकल पीठ ने सोमवार को केंद्रीय जांच बोर्ड (सीबीआई) को कथित हेराफेरी के मामले में पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में ग्रुप डी के कर्मचारियों की दोषपूर्ण भर्ती की जांच सौंपे जाने के बाद राज्य ने खंडपीठ का रुख किया।

इससे पहले, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल केंद्रीय विद्यालय सेवा (डब्ल्यूबीएसएससी) की सिफारिशों के आधार पर पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (डब्ल्यूबीबीएसई) द्वारा नियुक्ति में कथित गड़बड़ी के आधार पर ग्रुप डी के 25 कर्मचारियों के वेतन पर रोक लगा दी थी।

अदालत ने एसएससी और डब्ल्यूबीबीएसई दोनों को भर्ती पर एक हलफनामा दाखिल करने के लिए भी कहा था। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि 5,000 से अधिक लोगों को भर्ती प्रक्रिया खत्म होने के बाद नियुक्ति दी गई थी।

साल 2016 में राज्य ने राज्य के विभिन्न स्कूलों में लगभग 13,000 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की भर्ती के लिए सिफारिश की और डब्ल्यूबीबीएसई ने समय-समय पर परीक्षाएं और साक्षात्कार आयोजित किए और एक पैनल का गठन किया गया। उस पैनल का कार्यकाल 2019 में समाप्त हो गया था।

व्यापक आरोप थे कि आयोग ने पैनल की समाप्ति के बाद भी बहुत सारी अनियमित भर्तियां कीं – 500 से कम नहीं। आरोप थे कि आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय से भर्तियां की गई हैं।

इनमें से 25 की नियुक्ति के खिलाफ उच्च न्यायालय में मामला दर्ज किया गया था और यह मंगलवार को न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय की एकल पीठ में आया।

शुरू में जज को लगा कि उस नियुक्ति की सिफारिश में भ्रम है।

गंगोपाध्याय ने आयोग से कहा था, बस बहुत हो गया। इसका मतलब है कि क्षेत्रीय कार्यालय पर आयोग का कोई नियंत्रण नहीं है। मुझे एक और घोटाला नहीं चाहिए। उन्होंने आयोग को हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा था।

कोर्ट ने बुधवार को ग्रुप डी के कथित 25 कर्मचारियों के वेतन पर न केवल रोक लगा दी, बल्कि यह भी कहा कि सच्चाई का पता लगाने के लिए अदालत हर संभव कोशिश करेगी।

जरूरत पड़ने पर जांच के लिए सीआईएसएफ द्वारा एसएससी कार्यालय की घेराबंदी की जाएगी।

आयोग ने बीते गुरुवार को स्वीकार किया था कि उसे भर्ती के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उसने मामले की न्यायिक जांच की मांग की। अदालत ने हालांकि जांच का आदेश नहीं दिया, लेकिन डब्ल्यूबीएसएसई को सोमवार को एक हलफनामा पेश करने के लिए कहा।

–आईएएनएस

एसजीके/एएनएम

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