देश विदेश

अमेरिका के तथाकथित शिनच्यांग संबंधी विधेयक ने तथ्यों को गंभीर रूप से तोड़-मरोड़ कर पेश किया

बीजिंग, 26 दिसम्बर ()। अमेरिका ने हाल में ही तथाकथित उईगुर जबरन श्रम रोकथाम विधेयक पेश किया जो शिनच्यांग के बहाने चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप है। अमेरिका शिनच्यांग के माध्यम से चीन को नियंत्रित करने की साजिश कर रहा है। इस बारे में शिनच्यांग उईगुर स्वायत्त प्रदेश की सरकार के प्रवक्ता श्यू क्वीश्यांग ने 25 दिसंबर को शिनच्यांग संबंधी मामलों पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह आधिपत्यवाद की अभिव्यक्ति, चालबाजी के तर्क का विस्तार और शीत युद्ध की मानसिकता का संकेत है। इतना ही नहीं, यह पूरी तरह से गलत और खतरनाक कदम है।

श्यू क्वीश्यांग ने कहा कि तथाकथित उईगुर जबरन श्रम रोकथाम विधेयक ने शिनच्यांग की श्रम स्थिति की वास्तविकता को गंभीर रूप से तोड़-मरोड़ कर पेश किया है। हम मानते हैं कि अमेरिका द्वारा पेश किया गया तथाकथित शिनच्यांग संबंधी विधेयक शिनच्यांग के विकास की ऐतिहासिक प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करेगा, बल्कि उसने अमेरिका के झूठे मानवाधिकार और सच्चे आधिपत्य, झूठी चिंता और सच्चे विनाश के भयावह इरादे को उजागर किया है। शिनच्यांग में श्रम की स्थिति शिनच्यांग के सभी जातीय समूहों के श्रमिकों द्वारा निर्धारित की जाती है और इस बारे में अमेरिका को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

श्यू क्वीश्यांग ने कहा कि तथाकथित उईगुर जबरन श्रम रोकथाम विधेयक ने अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मापदंडों का गंभीरता से उल्लंघन किया है। जबरन श्रम क्या है और जबरन श्रम का निर्धारण कौन करता है, यह अंतरराष्ट्रीय कानून के क्षेत्र में स्पष्ट रूप से निर्धारित है।

श्यू ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के जबरन श्रम संधि के अनुसार, जबरन श्रम का मतलब है किसी व्यक्ति को सजा की धमकी देकर अनैच्छिक काम या श्रम करने के लिए मजबूर करना। इस मानक के अनुसार, शिनच्यांग में जबरन श्रम की समस्या नहीं है। जब अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कानून से शिनच्यांग को नहीं दबा सका, तो उसने घरेलू कानून से शिनच्यांग की आलोचना करना शुरू किया।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

आरजेएस

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें निहारिका टाइम्स हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Niharika Times Android Hindi News APP