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क्या चीन वैश्विक गरीबी उन्मूलन में कर सकता है कुछ मदद?

बीजिंग, 21 अक्टूबर ()। चीन ने गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में व्यापक सफलता हासिल की है। पिछले कुछ वर्षों में ही करोड़ों लोगों को गरीबी के चंगुल से बाहर निकालने में चीन सरकार कामयाब रही है। विशेष तौर पर चीनी राष्ट्रपति शीचिनफिंग के नेतृत्व में विभिन्न विभागों ने पूर्ण गरीबी को खत्म करने के लिए व्यापक अभियान चलाया। अगर वैश्विक स्तर पर गरीबी उन्मूलन की बात की जाय, तो चीन का योगदान उसमें 70 फीसदी है। चीनी नेताओं ने बार-बार कहा है कि वे गरीबी की समस्या से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में कई तरह की योजनाएंचलायी गयी। खास तौर पर पिछड़े पश्चिमी इलाकों पर ध्यान केंद्रित किया गया।

लेकिन हम यह भी जानते हैं कि गरीबी की चुनौती किसी एक देश के सम्मुख खड़ी समस्या नहीं है। दुनिया के विभिन्न देशों के विकास में यह एक बड़ी बाधा है। अमेरिका भले ही विकसित हो, वहां भी गरीबों की बड़ी तादाद है। हालिया रिपोटरें से पता चला है कि वहां अमीर और गरीब के बीच की खाई बढ़ रही है। गरीबी के कारण नस्लीय भेदभाव जैसी घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। जिसे अमेरिका द्वारा नजरअंदाज किया गया है।

इस बीच हमने देखा है कि चीन ने वैश्विक विकास की पहल की है। जिसमें गरीबी में कमी लाने ग्रामीण विकास पर आदान-प्रदान बढ़ाने पर जोर दिया गया है। क्योंकि अधिकांश देशों में ग्रामीण क्षेत्र अपेक्षाकृत पिछड़े होते हैं, और वहां के नागरिकों का जीवन भी मुश्किलों से भरा होता है। लेकिन चीन द्वारा इस दिशा में प्रमुखता से आगे आने की तारीफ करनी होगी, क्योंकि वह लंबे समय तक गरीबी से जूझता रहा है। कभी चीन के लोगों का जीवन तमाम संकटों से घिरा होता था, लेकिन आज चीनी नागरिकों की लाइफ बदल चुकी है।

गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गरीबी में कमी लाने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने 2030 सतत विकास लक्ष्य निर्धारित किया था। लेकिन विशाल आबादी वाले देश चीन ने इसे करीब एक दशक पहले ही पूरा कर लिया है। इससे जाहिर होता है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी व सरकार ने इस चुनौती को गंभीरता से लिया। अब चीन आने वाले समय में दूसरे देशों को भी गरीबी से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही हाल में रविवार को 29वां अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस मनाया गया। जो कि यूएन द्वारा 1993 में स्थापित किया गया था।

पिछले लगभग दो वर्षों से जारी कोरोना महामारी ने दुनिया पर बुरा असर डाला है, इससे बड़ी संख्या में लोगों के गरीब बनने का खतरा भी पैदा हुआ है। ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग के जरिए ही कोरोना संकट के साथ-साथ गरीबी की चुनौती से पार पाया जा सकता है।

(अनिल आजाद पांडेय, चाइना मीडियाग्रुप)

एएनएम