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गांवों में लगातार शौचालय क्रांति को आगे बढ़ा रहा है चीन

बीजिंग, 17 नवंबर()। 19 नवंबर को विश्व शौचालय दिवस है। इस साल का मुख्य विषय है शौचालय को महत्व देना। शौचालय का मुद्दा देखने में छोटा लगता है ,लेकिन वह लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के स्तर की उन्नति से घनिष्ठ रूप से जुड़ा है। कहा जा सकता है कि वह जनजीवन संबंधी एक काफी अहम मुद्दा है। इधर के कुछ सालों में चीन व्यापक ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार शौचालय क्रांति को आगे बढ़ाता रहा है। गांवों में शौचालयों की गुणवत्ता में बड़ी प्रगति नजर आयी है। इसके साथ गांवों के पर्यावरण और किसानों के जीवन की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार भी देखा गया है।

42 वर्षीय यांग च्येनखुन दक्षिण पश्चमी चीन के युन्नान प्रांत के आन निंग शहर के ल्यू शू गांव में रहते हैं। पिछले साल स्थानीय सरकार ने शौचालय क्रांति परियोजना प्रस्तुत की। उन्होंने फौरन ही इस परियोजना में भाग लेने का फैसला किया। तकनीशियन के निर्देशन में उन्होंने वाटर फ्लश उपकरण संपन्न एक नये और स्वच्छ शौचालय का निर्माण किया। उसका कुल खर्च 4000 युआन से अधिक था। स्थानीय सरकार ने उन को 2400 युआन का भत्ता दिया। उन्होंने हाल ही में मीडिया के साथ हुई बातचीत में बताया कि पहले घर में सिर्फ एक साधारण सा शौचालय था। गर्मी में मच्छर और मक्खियां बहुत होती थीं और बदबू भी आती थी। नया शौचालय बहुत साफ है और बदबू भी गायब हो गयी है।

यांग च्येनखुन महज चीन में शौचालय क्रांति में करोड़ों लाभार्थियों में से एक है। चीनी कृषि और गांव मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2018 से अब तक हर साल ग्रामीण क्षेत्रों में 4 करोड़ से अधिक घरों के शौचालयों का सुधार किया गया है। 68 प्रतिशत किसानों के घर में स्वच्छ शौचालय उपलब्ध हैं।

ध्यान रहे कि वर्ष 2015 में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने उत्तर पूर्वी चीन के येन प्येन शहर का निरीक्षण करते समय एक बैठक में व्यापक ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय क्रांति चलाने की मांग की। इस के बाद शौचालय क्रांति देश भर में शुरू हुई। वर्ष 2018 में चीन की केंद्रीय सरकार ने ग्रामीण पुनरुत्थान रणनीति (2018-2022) जारी की। इस में साफ कहा गया कि शौचालय क्रांति गांव में आवास पर्यावरण के सुधार का एक अहम विषय है। वर्ष 2019 से वर्ष 2020 तक वित्त मंत्रालय ने गांवों में स्वच्छ शौचालय लोकप्रिय बनाने में 14 अरब 40 करोड़ युआन का अनुदान दिया।

चीन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य आंदोलन समिति का कार्यालय गांवो में शौचालय क्रांति संबंधी मामलों का निर्देशन और समन्वय करता है और स्थानीय सरकार के विभिन्न विभाग और सामाजिक संगठन ठोस काम करते हैं। अब चीन ने अध्ययन करने के बाद मल और मूत्र के हानिरहित प्रोसेसिंग और स्वच्छ शौचालय के मापदंड और तकनीकी मानक भी जारी किये हैं और शौचालय क्रांति के लिए बड़ी संख्या वाले तकनीशियनों को भी प्रशिक्षण दिया है। इस के अलावा चीन सरकार ने विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ निरंतर सहयोग कार्यक्रम चलाया ।इस से संबंधित कार्यों व नीतियों के सुधार को भी बढ़ावा मिला है।

स्वस्थ चीन वर्ष 2030 कार्यक्रम के मुताबिक भविष्य में चीन स्वच्छ शौचालयों के निर्माण में तेजी लाएगा और वर्ष 2030 तक देश भर ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक आम तौर पर साफ-सुथरे शौचालयों का प्रयोग कर सकेंगे।

( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग )

एएनएम

Sabal Singh Bhati

Sabal Singh Bhati is the Chief Editor at Niharika Times. He tweets @sabalbhati Views are personal.