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कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए पुरजोर प्रयास कर रहा है चीन

बीजिंग, 26 दिसम्बर ()। चीन कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। हाल के वर्षों में चीन ने इसको लेकर काफी गंभीरता दिखायी है। इतना ही नहीं चीन ने वादा किया है कि वह कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। अब इस संबंध में चीन सरकार ने और तेजी लाने का फैसला किया है।

हाल में पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्रालय ने इस बारे में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। साथ ही उम्मीद जताई कि धुआं व प्रदूषण फैलाने वाली परियोजनाओं की संख्या में आने वाले दिनों में कमी आएगी। इस तरह चीन अपने महत्वाकांक्षी जलवायु परिवर्तन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आगे बढ़ रहा है।

हम जानते हैं कि कोयले से चलने वाले उद्योगों का कार्बन उत्सर्जन में बड़ा योगदान रहता है। फैक्ट्रियों से निकलने वाली जहरीली गैसें हमारे वातावरण को काफी नुकसान पहुंचाती हैं। चीन सरकार पर्यावरण संरक्षण के महत्व को अच्छी तरह समझती है, यही कारण है कि चीन ने घोषणा की है कि वह विभिन्न क्षेत्रों, उद्योगों और उद्यमों को कोयला खपत को कम करने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के बेहतर ढंग से प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करेगा।

दावा किया जा रहा है कि इस साल पर्यावरणीय प्रभाव आकलन संबंधी ऐसी परियोजनाओं की संख्या में वार्षिक आधार पर तीस प्रप्रतिशत की कमी आने का अनुमान है। पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्रालय के एक अधिकारी ने पिछले दिनों बताया कि स्थानीय सरकारों और संबंधित विभागों को कार्बन उत्सर्जन में कटौती लाने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि चीन राष्ट्रीय स्तर पर सही दिशा में आगे बढ़े।

गौरतलब है कि उत्सर्जन के लिए प्रमुख रूप से जि़म्मेदार परियोजनाओं पर पाबंदी लगाने की शुरूआत पिछले साल सितंबर में हुई। क्योंकि चीन ने साल 2030 से पहले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के स्तर को चरम पर पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। साथ ही चीन ने वर्ष 2060 से पहले कार्बन तटस्थता का लक्ष्य हासिल करने पर भी जोर दिया है।

चीन की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कार्बन उत्सर्जन पर ध्यान केंद्रित करने वाले पायलट प्रोजेक्ट आठ प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों में शुरू किए गए है। इनमें हबेई, शानतोंग, चच्यांग आदि प्रांतों में बिजली उत्पादन, स्टील तैयार करने वाली व रसायन आदि से जुड़ी परियोजनाएं प्रमुख हैं।

सरकार की ओर से कहा गया है कि उच्च ऊर्जा खपत और उत्सर्जन वाली परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक प्रभावशीलता के साथ एक निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए पर्यावरण मामलों के जि़म्मेदार अधिकारियों को समर्थन दिया जाएगा, ताकि वे अपने स्तर पर उचित कंदम उठा सकें।

उम्मीद की जा सकती है कि चीन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्बन कटौती में अपनी व्यापक भूमिका निभाएगा।

(अनिल पांडेय, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

आरजेएस