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मानव जाति निश्चित रूप से महामारी को हराएगी

बीजिंग, 24 दिसम्बर ()। डब्ल्यूएचओ की स्वास्थ्य आपातकालीन परियोजना की तकनीकी निदेशक मारिया वैन कोखोव ने हाल ही में कहा कि हालांकि ओमिक्रॉन कई देशों और क्षेत्रों में फैल रहा है, मानव समाज अपने मौजूदा उपकरणों के साथ गंभीर महामारियों का विरोध करने में पूरी तरह सक्षम है। अगर हमें नए कोरोना वायरस के प्रसार को नियंत्रित करना और मृत्यु दर को कम करना जारी रख सकेंगे, तो उम्मीद है कि वर्तमान महामारी को वर्ष 2022 के अंत तक समाप्त किया जा सके।

न्यू कोरोना वायरस महामारी दुनिया के लिए भारी आपदा लेकर आई है। साथ ही दुनिया की अर्थव्यवस्था और संस्कृति के कई पहलू भी प्रभावित हुए हैं। हालांकि न्यू कोरोना महामारी के खिलाफ मानव समाज का संघर्ष भी एक पल के लिए नहीं रुका है। वर्तमान में, चीन और भारत सहित प्रमुख वैक्सीन उत्पादक देश पूरी दुनिया को वैक्सीन की आपूर्ति कर रहे हैं, और विशिष्ट दवाओं के विकास में भी महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की गयी है। महामारी पर अंकुश लगाने की प्रक्रिया में टीकाकरण दर बढ़ाने का महत्व सिद्ध हो गया है। टीकाकरण न केवल न्यू कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए, बल्कि झुंड प्रतिरक्षा को प्राप्त करने में भी मददगार साबित है।

महामारी से कई देशों के सामाजिक जीवन के लिए खतरा है। इसलिए, महामारी विरोध का सामान्यीकरण और झुंड प्रतिरक्षा की प्राप्ति एक अपरिहार्य प्रक्रिया हो सकेगी। हालांकि, कुछ देश और क्षेत्र अभी भी अपनी अधिकांश आबादी को कवर करने के लिए पर्याप्त वैक्सीन खुराक प्राप्त करने में असमर्थ हैं। इनमें अभी भी महामारी के गंभीर रूप से फैलने का खतरा मौजूद है। इसलिए, दुनिया भर में टीकों के कवरेज को बढ़ाना आवश्यक है, और इससे मनुष्य साझे भाग्य वाले समुदाय में रहने का तथ्य साबित है। विशेष रूप से बहुत कम टीकाकरण दर वाले देशों के लिए, महामारी समाप्त होने की संभावना टीकों की उपलब्धता पर निर्भर है। जर्नल नेचर द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, कई वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि समय के साथ कोरोनावायरस का खतरा कम हो सके। मानव के इतिहास में चेचक जैसे गंभीर संक्रामक रोगों को हराने के लिए वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया गया, इसलिए हमें न्यू कोरोना वायरस को लेकर निराशावादी होने की जरूरत नहीं है। यह पूरी तरह से संभव है कि दुनिया भर में उच्च वैक्सीन कवरेज के पूरा होने के बाद वर्तमान महामारी का खात्मा किया जाएगा।

आधुनिक अर्थव्यवस्था के विकास के साथ, वायरस भी दुनिया के सभी हिस्सों में लोगों के प्रवाह और रसद के साथ फैल सकता है। नया कोरोना वायरस एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है, लेकिन यह कुछ विपत्तियों से अधिक भयानक नहीं है, जिन्होंने इतिहास में मनुष्यों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जैसे कि ब्लैक डेथ और प्लेग। आज की दुनिया अधिक परस्परता से जुड़ी हुई है, इसलिए न्यू कोरोना महामारी का दुनिया भर में प्रसार आश्चर्यजनक नहीं है। मानव जाति ने अनगिनत बार प्लेग को हरा दिया, और हम पूरी तरह से यह विश्वास कर सकते हैं कि मानव समाज अब और भविष्य में भी किसी भी वैश्विक महामारी को हराने में सक्षम होगा।

वैश्वीकरण और शहरीकरण के विकास के साथ, महामारी फैलने का खतरा और भी अधिक हो गया है। भविष्य में, मनुष्यों को और अधिक नई महामारियों का सामना करना पड़ सकता है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

एएनएम

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